Saharsa News: सहरसा: बिहार पुलिस मुख्यालय की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने सहरसा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) अजीत अमर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार सुबह EOU की टीमों ने अजीत अमर से जुड़े चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। इन ठिकानों में सहरसा, छपरा और सिवान जिले शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में अजीत अमर के पास उनकी ज्ञात आय से लगभग 62.20 लाख रुपये अधिक की संपत्ति होने के पुख्ता प्रमाण मिले हैं, जो उनकी कुल वैध आय का करीब 72.35 प्रतिशत है। इस कार्रवाई से सहरसा के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
आय से अधिक संपत्ति मामले में EOU ने दर्ज किया केस
ईओयू के मुताबिक, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अजीत अमर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति से जुड़ी गोपनीय जानकारी मिलने के बाद गहन जांच शुरू की गई थी। इस जांच प्रक्रिया के दौरान उनकी आय और संपत्ति से संबंधित सभी दस्तावेजों का बारीकी से सत्यापन किया गया।







सत्यापन में लगभग 62,20,550 रुपये की ऐसी संपत्ति का खुलासा हुआ, जिसे उनकी वैध और ज्ञात आय के मुकाबले काफी अधिक माना गया। इसी आधार पर, EOU ने अपने थाने में कांड संख्या 17/26 दर्ज किया। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) के साथ धारा 13(1)(b) के तहत पंजीकृत किया गया है।
अजीत अमर पर ज्ञात आय से करीब 62.20 लाख रुपये अधिक की संपत्ति होने के प्राथमिक साक्ष्य मिले हैं। यह राशि उनकी वैध आय से 72.35 प्रतिशत अधिक पाई गई है।
कहां-कहां हुई छापेमारी?
मामला दर्ज करने के बाद, आर्थिक अपराध इकाई ने तलाशी के लिए न्यायालय से अनुमति प्राप्त की। उत्तर बिहार, मुजफ्फरपुर स्थित विशेष न्यायालय (निगरानी) से तलाशी अधिपत्र मिलने के बाद, अलग-अलग टीमों को कार्रवाई के लिए रवाना किया गया। शुक्रवार सुबह इन टीमों ने पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में अजीत अमर से जुड़े चार स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया।
- पहला ठिकाना सिवान जिले के दरौंधा थाना क्षेत्र के रैनी गांव स्थित उनका पैतृक या निजी मकान है।
- दूसरा ठिकाना सहरसा के नया बाजार स्थित उनका किराए का आवास है।
- तीसरी जगह सहरसा में स्थित उनका सरकारी कार्यालय कक्ष है।
- चौथी जगह छपरा के गंडक कॉलोनी स्थित उनका सरकारी आवास है।
इन सभी ठिकानों पर टीम संपत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है।
सहरसा के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप
EOU अधिकारियों के अनुसार, तलाशी अभियान अभी जारी है। टीमों की कार्रवाई पूरी होने के बाद ही बरामद सामग्री का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक किया जाएगा। इसमें नकदी, विभिन्न कागजात, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य बरामदगी की जानकारी शामिल हो सकती है। फिलहाल, जांच एजेंसी की ओर से तलाशी के दौरान मिली किसी भी वस्तु का अंतिम आंकड़ा जारी नहीं किया गया है, इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। सहरसा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के कई ठिकानों पर एक साथ हुई इस कार्रवाई की सूचना से पूरे प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। सरकारी कार्यालयों में भी यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। छापेमारी पूरी होने और जांच एजेंसी की विस्तृत रिपोर्ट सामने आने के बाद ही इस मामले की पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।









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