Bihar Weather: मॉनसून की सक्रियता के कारण बिहार में अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 15 जिलों के लिए बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है, जिसमें पांच जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 10 जिलों के लिए येलो अलर्ट शामिल है। इस दौरान 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है, जिससे जान-माल के नुकसान का खतरा बढ़ गया है।
ऑरेंज और येलो अलर्ट: बिहार के इन जिलों पर खतरा
आईएमडी ने बिहार के पांच जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहां भारी बारिश की आशंका है। इनमें बक्सर भी शामिल है। इसके अलावा, दस अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां गरज के साथ छींटे, वज्रपात और मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को आंधी-पानी के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी है।






भारत मौसम विज्ञान विभाग ने वज्रपात के समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। खुले में रहने से बचें, पेड़ों के नीचे खड़े न हों और बिजली के उपकरणों से दूर रहें। सुरक्षित आश्रय ही आपकी जान बचा सकता है।
अगले कुछ दिनों तक कैसा रहेगा बिहार का मौसम?
पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बारिश का यह सिलसिला 8 अगस्त तक जारी रहने का अनुमान है। राज्य के कुछ अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है, जबकि पटना सहित कई जिलों में आसमान में बादल छाए रहेंगे। शुक्रवार से बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे उत्तरी और पूर्वी बिहार की ओर बढ़ेंगी।
8 अगस्त को दक्षिण-पूर्वी बिहार के साथ-साथ कटिहार, पूर्णिया और पश्चिम चंपारण में भारी बारिश की आशंका है। विभाग ने 9 अगस्त को उत्तरी बिहार में बारिश की तीव्रता चरम पर पहुंचने का अनुमान लगाया है, जिसमें अररिया, दरभंगा, किशनगंज, मधुबनी, सीतामढ़ी, सुपौल और पश्चिम चंपारण के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
मॉनसून ट्रफ और नमी वाली हवाएं बनी वजह
मौसम वैज्ञानिकों ने वर्तमान मौसम को बिहार के पास सक्रिय मॉनसून ट्रफ और बंगाल की खाड़ी से नमी वाली पूर्वी हवाओं के लगातार प्रवाह का परिणाम बताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य भर में उच्च आर्द्रता दिन के दौरान तीव्र गर्मी का कारण बन रही है। शाम तक, नम हवाएं बादलों के तेजी से निर्माण को बढ़ावा देती हैं, जिसके परिणामस्वरूप आंधी, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ अचानक बारिश होती है। यह मौसम अगले एक से दो दिनों तक जारी रहने की उम्मीद है।
बारिश की कमी और वज्रपात से मौत
पिछले 24 घंटों के दौरान पटना, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, खगड़िया, समस्तीपुर, कटिहार, जहानाबाद और बांका में बारिश दर्ज की गई। अधिकारियों के मुताबिक, बांका में वज्रपात की चपेट में आने से एक किसान की मौत हो गई। इस अवधि में पटना में 3.8 मिलीमीटर बारिश हुई, जहां अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हाल की बारिश के बावजूद, मौजूदा मॉनसून सीजन में बिहार में अभी भी 37% बारिश की कमी बनी हुई है। आईएमडी को अगले कुछ दिनों में कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश की उम्मीद है, लेकिन राज्यव्यापी बारिश की कमी को पूरी तरह से पूरा करने की तत्काल कोई संभावना नहीं है।
मौसम विभाग ने सभी निवासियों से सतर्क रहने और जारी की गई चेतावनियों का पालन करने का आग्रह किया है। मॉनसून की प्रगति और राज्य भर में कृषि गतिविधियों पर इसके प्रभाव के संबंध में आगे के अपडेट अपेक्षित हैं।







