Bihar Kusheshwarsthan: सावन की दूसरी सोमवारी पर बिहार के कुशेश्वरस्थान शिव मंदिर में बड़ी लापरवाही सामने आई है। भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात किए गए 67 दंडाधिकारियों में से 30 अनुपस्थित पाए गए। इस गंभीर चूक पर बिरौल के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) सह बाबा कुशेश्वरस्थान न्यास समिति के अध्यक्ष शशांक राज ने कड़ी नाराजगी जताई है और सभी गैर-मौजूद दंडाधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
व्यवस्था में इस बड़ी चूक के कारण कई महत्वपूर्ण स्थानों पर भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा बनाए रखने में भारी दिक्कतें आईं। प्रशासन के अनुसार, 1 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुख्ता इंतजाम के निर्देश दिए गए थे, लेकिन दंडाधिकारियों की अनुपस्थिति ने इन व्यवस्थाओं को प्रभावित किया।
बिरौल एसडीओ शशांक राज ने कहा, “एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुख्ता व्यवस्था के निर्देश दिए गए थे। लेकिन ड्यूटी में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अनुपस्थित पाए गए सभी दंडाधिकारियों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।”
कुशेश्वरस्थान में पुलिस और स्वयंसेवकों ने संभाली कमान
दंडाधिकारियों की अनुपस्थिति के बावजूद, ग्रामीण एसपी साक्षी कुमारी, डीएसपी प्रभाकर तिवारी और पुलिस बल ने रात से ही मोर्चा संभाले रखा। 220 स्वयंसेवकों के साथ मिलकर उन्होंने अतिरिक्त जिम्मेदारी निभाई और श्रद्धालुओं को कतारबद्ध करने में सहयोग किया। एसपी साक्षी कुमारी खुद रात भर मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों की निगरानी करती रहीं और पुलिस प्रशासन को लगातार दिशा-निर्देश दिए।
न्यास समिति के अध्यक्ष सह एसडीओ शशांक राज और उपाध्यक्ष सह एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी भी लगातार मंदिर और शिवनगरी का जायजा लेते रहे। दोनों अधिकारियों ने सीसीटीवी कंट्रोल रूम से भी स्थिति पर नजर रखी। थाना अध्यक्ष गौरव प्रसाद, बीडीओ प्रभा शंकर मिश्रा और अंचलाधिकारी राकेश रोशन भारती सहित पुलिस बल लगातार गश्त करते रहे, जिससे व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ने से बची।
आस्था का सैलाब और व्यवस्था की चुनौतियां
सावन की दूसरी सोमवारी पर कुशेश्वरस्थान शिव मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। रात 12 बजे से ही मंदिर परिसर में महिला और पुरुष भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। रात 2 बजे प्रधान पूजा के बाद जैसे ही पट खुले, ‘हर हर महादेव, जय कुशेश्वरनाथ’ के जयकारे से पूरी शिवनगरी गूंज उठी और जलाभिषेक शुरू हो गया। दूर-दराज से आए शिवभक्तों में गजब का उत्साह दिखा।
हालांकि, चिन्हित स्थानों पर मजिस्ट्रेटों के नदारद रहने से कुछ जगहों पर भीड़ नियंत्रण में परेशानी हुई, जिस पर स्थानीय लोगों ने नाराजगी भी जताई। बावजूद इसके, जलाभिषेक देर रात तक शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अगली सोमवारी पर ड्यूटी में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।








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