Bihar Teacher Shortage: बिहार के जाले प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय जोगियारा में शिक्षकों की भारी कमी से 323 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। विद्यालय में कुल छह शिक्षक पदस्थापित हैं, जिनमें से एक शिक्षक प्रखंड निर्वाचन कोषांग में प्रतिनियुक्त हैं। ऐसे में वर्तमान में केवल पाँच शिक्षक ही बच्चों को पढ़ा रहे हैं। यह स्थिति बच्चों के शैक्षिक भविष्य पर गहरा संकट पैदा कर रही है।
विषयवार शिक्षकों की कमी से शिक्षा व्यवस्था चरमराई
प्रभारी एचएम सुमन कुमार ने इस गंभीर चुनौती पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए सामाजिक विज्ञान, हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के एक भी शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। विद्यालय में विज्ञान के दो और उर्दू के एक शिक्षक हैं, लेकिन इनमें से एक शिक्षक प्रभारी एचएम का दायित्व भी निभा रहे हैं।
प्रभारी एचएम सुमन कुमार ने कहा, ‘कक्षा छह से आठ तक सामाजिक विज्ञान, हिंदी, संस्कृत व अंग्रेजी विषय के शिक्षक नहीं हैं। विद्यालय में विज्ञान के दो और उर्दू के एक शिक्षक हैं। इनमें से एक शिक्षक प्रभारी एचएम का दायित्व भी संभाल रहे हैं।’
शिक्षकों की यह कमी सीधे तौर पर विद्यार्थियों के समग्र विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अधिकार का हनन कर रही है। जिन विषयों की नींव इन कक्षाओं में पड़ती है, उन्हीं के शिक्षक न होने से बच्चों का भविष्य अंधकारमय दिख रहा है।
अगले माह और गहराएगा संकट
स्थिति तब और गंभीर हो जाएगी जब अगले माह विद्यालय के उर्दू शिक्षक का स्थानांतरण हो जाएगा। प्रभारी एचएम सुमन कुमार ने आशंका जताई है कि इसके बाद विद्यालय में मात्र चार शिक्षक ही शेष रह जाएंगे। इन चार शिक्षकों में से एक को प्रभारी एचएम की जिम्मेदारी भी निभानी होगी, जिससे पठन-पाठन पर और अधिक दबाव पड़ेगा।
सुमन कुमार ने बताया, ‘उर्दू शिक्षक का अगले माह स्थानांतरण होने की संभावना है। इसके बाद विद्यालय में मात्र चार शिक्षक रह जाएंगे। इनमें एक शिक्षक को प्रभारी एचएम का दायित्व भी निभाना होगा।’ उन्होंने शिक्षकों की कमी की स्थिति से बीईओ को अवगत करा दिया है।
प्रशासन का दावा, लेकिन समाधान की गति धीमी ,बीइओ प्रमोद कुमार ने बताया
इस संबंध में पूछे जाने पर बीइओ प्रमोद कुमार ने बताया कि विभाग स्तर पर शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक-दो माह में विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर हो जाएगी।
बीडीओ प्रमोद कुमार ने कहा, ‘विभाग स्तर से शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया चल रही है। एक-दो माह में विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर होने की उम्मीद है।’
हालांकि, यह आश्वासन तब तक बेमानी लगता है जब तक छात्रों को विषयवार शिक्षक नहीं मिल जाते। जब तक विभाग इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाता, तब तक मध्य विद्यालय जोगियारा के 323 बच्चों का भविष्य अधर में लटका रहेगा और उनकी पढ़ाई प्रभावित होती रहेगी।







