Darbhanga Landless: बिहार के दरभंगा जिले में भूमिहीन परिवारों का गुस्सा फूट पड़ा है। बेनीपुर प्रखंड के महिनाम पंचायत में दर्जनों भूमिहीन महिला और पुरुषों ने मंगलवार को अनुमंडल कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। उनके हाथों में सरकार द्वारा दिए गए जमीन के पर्चे थे, लेकिन सालों बाद भी उन्हें अपनी आवंटित जमीन पर कब्जा नहीं मिल पाया है।
प्रदर्शनकारी एसडीओ मनीष कुमार झा से तुरंत पर्चे के आधार पर जमीन की दखल-दिहानी कराने की मांग कर रहे थे। इस विरोध प्रदर्शन में रामसेवक राम, राम लखन राम, खुशबू कुमारी, सीता देवी और मंजू देवी सहित करीब 60 पर्चाधारी शामिल थे।
भूमिहीनों को ठगा महसूस करा रहा सरकारी ‘पर्चा’
पर्चाधारियों ने बताया कि 29 अगस्त 2025 को कर्पूरी सभा भवन में एक शिविर आयोजित किया गया था। तत्कालीन भू-सुधार एवं राजस्व मंत्री संजय सरावगी की मौजूदगी में महिनाम पंचायत के 60 भूमिहीन परिवारों को दो-दो डिसमिल भूमि का वास्तविक पर्चा उपलब्ध कराया गया था। यह पर्चा मिलने के करीब एक वर्ष बाद भी उन्हें आवंटित जमीन पर कब्जा नहीं मिला है। कई पर्चाधारियों को तो अपनी आवंटित भूमि का स्थल तक पता नहीं चल पाया है, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है।
पर्चाधारियों ने कहा, ‘सरकार ने पर्चा देकर भूमिहीनों को जमीन का अधिकार तो दिया, लेकिन जमीन पर कब्जा नहीं मिलने के कारण वे आज भी परेशान हैं और खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।’
एसडीओ ने दिया दखल-दिहानी का निर्देश, क्या मिलेगी जमीन?
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, एसडीओ मनीष कुमार झा ने आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि डीसीएलआर को इस संबंध में तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है। सभी पर्चाधारियों को संबंधित भूमि की मापी कराकर जल्द से जल्द दखल-दिहानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
भूमिहीन परिवारों को उम्मीद है कि प्रशासन की इस पहल के बाद उन्हें आखिरकार अपनी जमीन पर कब्जा मिल पाएगा। हालांकि, यह देखना होगा कि यह निर्देश कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से जमीन पर उतर पाता है, ताकि ‘Darbhanga Landless’ परिवारों की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।







