Bhagalpur Cyber Crime: ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच, भागलपुर पुलिस ने छात्रों को साइबर अपराध से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। मंगलवार को भागलपुर के जिला स्कूल में ‘साइबर स्मार्ट ट्यूसडे’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस जागरूकता कार्यक्रम में वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने छात्रों को साइबर ठगी से सुरक्षित रहने के कई अहम तरीके बताए।
कार्यक्रम में सिटी एसपी अतुलेश झा और साइबर थाना की टीम भी मौजूद रही। स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने इसमें हिस्सा लिया। पुलिस अधिकारियों ने सभी को ऑनलाइन फ्रॉड के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया।
साइबर ठगी से बचने के लिए क्या करें?
वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने छात्रों को स्पष्ट शब्दों में समझाया कि साइबर ठगी से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी भी अंजान व्यक्ति के साथ अपनी संवेदनशील निजी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।
वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने छात्रों को बताया, ‘साइबर ठगी से बचने के लिए किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम पिन, यूपीआई पिन, बैंक डिटेल या पासवर्ड साझा नहीं करना चाहिए। साइबर अपराधी फर्जी कॉल, मैसेज और लिंक के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं, इसलिए किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।’
साइबर थाना की टीम ने भी छात्रों को विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों जैसे फिशिंग, ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड और डेटा चोरी के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे अपराधी नए-नए पैंतरों से लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।
सोशल मीडिया पर भी सतर्कता है जरूरी
एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने विशेष रूप से सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर छात्रों को सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी ठगी के मामले बढ़ रहे हैं।
एसएसपी ने छात्रों से कहा, ‘अपनी निजी जानकारी और फोटो अनजान लोगों के साथ साझा न करें। अगर किसी भी तरह की साइबर ठगी होती है, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और आपकी मेहनत की कमाई सुरक्षित रहे।’
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए सशक्त बनाना था। साइबर पुलिस ने हेल्पलाइन नंबरों और ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया, जिससे पीड़ित तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें। यह पहल बिहार में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण कदम है।








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