Bihar TRE-4 Protest: बिहार में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं का इंतजार अब गुस्से में बदल गया है। BPSC TRE-4 के विज्ञापन में लगातार हो रही देरी से नाराज अभ्यर्थियों ने 18 अगस्त से पटना में आमरण अनशन शुरू करने का ऐलान किया है। उनकी प्रमुख मांगों में तत्काल विज्ञापन जारी करने के साथ-साथ शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का इस्तीफा भी शामिल है।
छात्र नेता दिलीप का कहना है कि शिक्षक भर्ती के चौथे चरण TRE-4 के विज्ञापन में लगातार देरी हो रही है। लंबे समय से अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी करने की मांग कर रहे हैं। इस देरी से हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

TRE-4 विज्ञापन में देरी: हजारों युवाओं का भविष्य अधर में
TRE-4 के विज्ञापन की मांग को लेकर मई 2026 में भी पटना में अभ्यर्थियों ने बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया था। उस प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर भी विवाद हुआ था, लेकिन इसके बावजूद अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग लगातार जारी रखी।
जुलाई में शिक्षा विभाग की ओर से TRE-4 की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की बात कही गई थी। 7 जुलाई को हुई समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अधिकारियों को 25 जुलाई तक बीपीएससी को अधियाचना भेजने का निर्देश दिया था। लेकिन अभ्यर्थियों का कहना है कि इसके बावजूद TRE-4 का विज्ञापन अब तक जारी नहीं किया गया है, जिससे उनकी नाराजगी और बढ़ गई है।
आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना है, ‘जब तक TRE-4 का विज्ञापन जारी करने समेत प्रमुख मांगों पर ठोस पहल नहीं होती है, तब तक आंदोलन जारी रखा जायेगा।’
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी क्यों निशाने पर?
अभ्यर्थियों की ओर से शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के इस्तीफे की मांग भी उठाई जा रही है। उनका तर्क है कि भर्ती प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए। अभ्यर्थियों का आरोप है कि मंत्री के निर्देशों के बाद भी विज्ञापन जारी न होना उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
TRE-4 से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों और अभ्यर्थियों की आवाज अब बिहार के बाहर भी गूंज रही है। दिल्ली और झारखंड में प्रदर्शन के बाद अब बिहार में आंदोलन तेज करने की तैयारी है। 18 अगस्त से पटना में आमरण अनशन का ऐलान इसी कड़ी का हिस्सा है। आंदोलनकारी चाहते हैं कि सरकार भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने रखे और रिक्त पदों की जानकारी के साथ जल्द से जल्द TRE-4 का विज्ञापन जारी करे।
46 हजार पदों पर भी उठ रहे सवाल, सरकार से पारदर्शिता की मांग
TRE-4 में संभावित रिक्तियों को लेकर भी अभ्यर्थियों में असंतोष है। पहले करीब 46 हजार पदों पर भर्ती की चर्चा हुई थी, लेकिन अब पदों की संख्या को लेकर भी अभ्यर्थियों की ओर से सवाल उठ रहे हैं।
अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार रिक्त पदों की स्पष्ट संख्या सार्वजनिक करे और पारदर्शी तरीके से भर्ती का पूरा कार्यक्रम जारी करे। आमरण अनशन के ऐलान से बिहार सरकार और शिक्षा विभाग पर TRE-4 भर्ती प्रक्रिया को लेकर दबाव और बढ़ गया है। अब सभी की नजर 18 अगस्त से शुरू होने वाले आंदोलन और सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी है।








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