Bihar Liquor Ban: राज्य में शराबबंदी को लेकर चल रही अटकलों पर बिहार के मद्य निषेध मंत्री मदन सहनी ने गुरुवार को पूर्णविराम लगा दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शराबबंदी कानून को खत्म करने या इसमें किसी भी तरह के बदलाव की कोई आवश्यकता नहीं है। मंत्री सहनी ने जोर देकर कहा कि बिहार में शराबबंदी पहले भी लागू थी, आज भी कायम है और भविष्य में भी जारी रहेगी।
मंत्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि विभाग के स्तर पर शराबबंदी कानून और उसके कामकाज की समय-समय पर समीक्षा की जाती है। पिछले महीने भी इस कानून की गहन समीक्षा की गई थी, लेकिन फिलहाल इसमें कोई बदलाव करने का निर्णय नहीं लिया गया है।

शराबबंदी से महिलाओं और गरीब परिवारों को मिला फायदा: मंत्री
मदन सहनी ने शराबबंदी के सकारात्मक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बिहार में पिछले लगभग दस सालों से शराब और नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का सबसे बड़ा फायदा राज्य की महिलाओं और गरीब परिवारों को मिला है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मकसद को याद दिलाते हुए कहा कि शराबबंदी से दलित, अनुसूचित जाति-जनजाति और अति पिछड़ा वर्ग के परिवारों को भी लाभ पहुंचाना था। मंत्री के अनुसार, शराबबंदी लागू होने के बाद ऐसे कई परिवारों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है।
मंत्री सहनी ने बताया कि पहले कई लोग प्रतिदिन लगभग 500 रुपये कमाते थे, लेकिन उनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा शराब या अन्य नशीले पदार्थों पर खर्च हो जाता था। शाम को घर लौटने पर उनके पास परिवार के लिए पैसे नहीं बचते थे। उन्होंने दावा किया कि शराबबंदी के बाद ऐसे परिवारों की हालत में सकारात्मक बदलाव आया है और सरकार को इस कानून को लागू करने में काफी हद तक सफलता मिली है।
शराब के साथ अन्य नशीले पदार्थों पर भी कड़ी कार्रवाई
मदन सहनी ने जानकारी दी कि इस साल पिछले साल की तुलना में अधिक मात्रा में शराब जब्त की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार सिर्फ शराब के खिलाफ ही नहीं, बल्कि हेरोइन, स्मैक और गांजा जैसे अन्य नशीले पदार्थों के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई कर रही है। मंत्री ने बताया कि इन दूसरे नशीले सामानों की जब्ती में भी पहले के मुकाबले वृद्धि हुई है। विभाग की टीमें राज्य भर में अलग-अलग जगहों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।
मद्य निषेध मंत्री मदन सहनी ने साफ कहा, ‘राज्य में शराबबंदी कानून को खत्म करने या इसमें बदलाव करने की कोई जरूरत नहीं है। बिहार में शराबबंदी पहले भी लागू थी, अभी भी लागू है और आगे भी जारी रहेगी। शराबबंदी कानून तोड़ने वालों के खिलाफ पहले की तरह कार्रवाई जारी रहेगी।’
मंत्री ने सोशल मीडिया पर चल रही उन चर्चाओं को भी सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें बिहार में शराबबंदी खत्म होने की बात कही जा रही थी। उन्होंने दोहराया कि शराबबंदी कानून में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने पूर्णिया में सामने आए एक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि उस मामले में भी विभाग की ओर से कार्रवाई की जा रही है।
दूसरे राज्यों से शराब लाने पर कंपनियों पर भी होगी FIR
मदन सहनी ने शराब तस्करी पर लगाम लगाने के लिए सरकार के एक नए और कड़े कदम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब अगर दूसरे राज्यों से शराब सीमा पार करके बिहार में लाई जाती है, तो केवल शराब पकड़ने वालों पर ही नहीं, बल्कि संबंधित शराब कंपनी के खिलाफ भी FIR दर्ज की जाएगी।
मंत्री के अनुसार, इस संबंध में पिछले महीने विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे और इस पर काम शुरू हो चुका है। अब पकड़ी गई शराब किस कंपनी की है, इसकी जानकारी जुटाकर संबंधित कंपनी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाएगा, जिससे तस्करी के नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचा जा सके।







