Darbhanga Court: बिहार के दरभंगा में न्यायपालिका ने अपराधियों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। सिविल कोर्ट के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार पाण्डेय और अपर सत्र न्यायाधीश आदि देव सहित अन्य जजों की अदालतों ने हत्या, धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और जानलेवा हमला जैसे गंभीर अपराधों में कई आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। यह दर्शाता है कि कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अदालतें पूरी तरह से सक्रिय हैं और किसी भी दोषी को बख्शने के मूड में नहीं हैं।
हत्या के आरोपी मोहम्मद मिराज को नहीं मिली राहत
द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार पाण्डेय की अदालत ने अशोक पेपर मिल थाना क्षेत्र के सिरनियां गांव निवासी मोहम्मद सलमान की हत्या के मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। लहेरियासराय थाना क्षेत्र के रहमगंज मोहल्ला निवासी मोहम्मद मिराज समसी उर्फ मिराज की नियमित जमानत याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है।

लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि लहेरिया सराय थाना प्राथमिकी संख्या 245/ 26 के एक अभियुक्त के स्वीकारोक्ति बयान में मोहम्मद मेराज शमसी भी हत्या में शामिल था की पुष्टि की है।
इस बयान के आधार पर अदालत ने मिराज को जमानत देने से इनकार कर दिया, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद मिली है।
फर्जीवाड़े में महिला आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
अपर सत्र न्यायाधीश आदि देव की अदालत ने बहेड़ी थाना क्षेत्र के हरहच्चा गांव निवासी राम देव ठाकुर की पत्नी सुकुल देवी और प्रेम लाल ठाकुर की पत्नी अनिता देवी की अग्रिम जमानत याचिका को भी खारिज कर दिया। इन दोनों महिला आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने कार्यपालक दंडाधिकारी सदर दरभंगा के समक्ष अपनी दियादनी राम दाई देवी उर्फ रामो देवी के नाम से फर्जी शपथपत्र सह सहमति पत्र तैयार करवाया।
इस फर्जी दस्तावेज का उपयोग राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 527 ई (रोसड़ा से दरभंगा) के निर्माण हेतु अर्जित राशि प्राप्त करने के लिए भू-अर्जन कार्यालय दरभंगा में जमा किया गया था। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार किया।
जमीन धोखाधड़ी और चेक बाउंस मामले में भी जमानत खारिज
श्री आदि देव की अदालत ने मब्वी थाना कांड संख्या 301/20 से जुड़े एक अन्य मामले में सदर थाना क्षेत्र के कहरतिया गांव निवासी संतोष पासवान की जमानत याचिका भी खारिज कर दी। संतोष पासवान पर आरोप है कि उन्होंने आजम नगर के महादेव महथा को 20 लाख रुपये में जमीन बेचने का सौदा किया और राशि लेने के बाद भी जमीन का निबंधन नहीं किया। जब महादेव महथा ने दबाव डाला, तो संतोष पासवान ने बैंक ऑफ इंडिया शाखा दरभंगा का 20 लाख रुपये का चेक दिया, जो बाद में बाउंस हो गया। अदालत ने धोखाधड़ी के इस गंभीर मामले में भी आरोपी को जमानत नहीं दी।
इसी अदालत में एसीजेएम कोर्ट में चल रहे नन्दनी राय बनाम सुरज कुमार राय मामले में जाले थाना क्षेत्र के समधिनिया गांव निवासी सुरज कुमार राय की जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई।
जानलेवा हमला मामले में भी आरोपियों को राहत नहीं
एडीजे सप्तमी उपेन्द्र कुमार की अदालत ने जानलेवा हमला करने के आरोप में संस्थित हायाघाट थानाकांड संख्या 143/2025 में अकराहा गांव निवासी पुतुल देवी, अरूण यादव और सीता दाई की जमानत याचिका भी खारिज कर दी। यह फैसला दर्शाता है कि जानलेवा हमले जैसे अपराधों में भी न्यायपालिका सख्ती बरत रही है और आरोपियों को आसानी से राहत नहीं मिल रही है।
दरभंगा सिविल कोर्ट में लगातार कई गंभीर मामलों में जमानत याचिकाओं का खारिज होना यह संदेश देता है कि अपराध करने वालों को न्याय के कटघरे से बचना मुश्किल होगा। यह अदालती कार्रवाई जिले में कानून का राज स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।







