Bihar Liquor Smuggling: बिहार में शराबबंदी कानून को धता बताने के लिए शराब तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। हालांकि, उत्पाद विभाग की सक्रियता से उनकी हर कोशिश नाकाम हो रही है। इसी कड़ी में भागलपुर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्पाद विभाग की टीम ने पुआल से लदी एक पिकअप वैन से लाखों की विदेशी शराब जब्त की है। पुलिस ने मौके से पिकअप चालक को भी गिरफ्तार कर लिया है।
उत्पाद विभाग द्वारा बरामद की गई शराब की कुल मात्रा करीब 803 लीटर बताई जा रही है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 8 लाख रुपए है। यह शराब झारखंड के गोड्डा से बिहार के बेगूसराय ले जाई जा रही थी।

पुआल में छिपाकर ले जाई जा रही थी शराब की बड़ी खेप
उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि झारखंड के गोड्डा से विदेशी शराब की एक बड़ी खेप भागलपुर के रास्ते बेगूसराय पहुंचाई जा रही है। इस सूचना के आधार पर सब इंस्पेक्टर संजय कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया और तत्काल जांच अभियान शुरू किया गया।
सबौर थाना क्षेत्र में वाहनों की सघन जांच के दौरान, इंजीनियरिंग कॉलेज गेट के समीप सबौर की ओर से आ रही एक पुआल लदी पिकअप वाहन को रोका गया। बाहर से देखने पर वाहन में केवल पुआल ही दिखाई दे रहा था, लेकिन शक होने पर पुलिस ने जब गहन तलाशी ली, तो पुआल के नीचे छिपाकर रखी गई शराब की खेप देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
90 कार्टन ‘ऑफिसर चॉइस ब्लू’ ब्रांड की शराब बरामद
तलाशी के दौरान, पिकअप वैन से कुल 90 कार्टन विदेशी शराब बरामद की गई। यह शराब ‘ऑफिसर चॉइस ब्लू’ ब्रांड की थी और इसकी कुल मात्रा लगभग 803 लीटर आंकी गई है। उत्पाद विभाग ने शराब के साथ-साथ पिकअप वाहन को भी जब्त कर लिया है। कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने रांची निवासी चालक पियूष पासवान को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक पूछताछ में पियूष पासवान ने बताया कि शराब की यह खेप झारखंड के गोड्डा से लाई जा रही थी।
उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया, ‘गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। शराब तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और आगे भी इसी तरह कार्रवाई जारी रहेगी।’
तस्करों के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब गिरफ्तार चालक से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बेगूसराय में यह शराब किसे डिलीवर की जानी थी। साथ ही, इस पूरे शराब तस्करी के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी भी जांच की जा रही है।
शराब तस्कर पुलिस की नजरों से बचने के लिए लगातार नए तरीके अपनाते रहे हैं। कभी वे सब्जी, फल या भूसे की आड़ में शराब छिपाते हैं, तो कभी अन्य सामान के बीच तस्करी करते हैं। हालांकि, उत्पाद विभाग की सक्रियता और पुख्ता सूचना के कारण उनकी यह कोशिश नाकाम हो गई। उत्पाद विभाग अब यह भी जांच कर रहा है कि इस गिरोह द्वारा पहले कितनी बार शराब की खेप बिहार पहुंचाई गई है।







