Bihar Liquor Ban: दरभंगा के अलीनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने शराबबंदी कानून तोड़ने वालों पर बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार देर शाम नरमा गांव में छापेमारी कर पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की। इस दौरान एक कारोबारी के घर से 27.335 लीटर विभिन्न ब्रांड की शराब बरामद की गई, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
अलीनगर पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नरमा गांव में अवैध शराब का कारोबार चल रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रविंद्र सिंह के घर पर छापा मारा। पुलिस ने घर के पीछे बाथरूम में छिपाकर रखी गई नेपाल निर्मित मामा श्री की 300 एमएल की 69 बोतलें, रॉयल स्टैग की 750 एमएल की 1 बोतल, रॉयल मैनसन गोल्ड व्हिस्की की 375 एमएल की 3 बोतलें, स्टार गोल्ड प्रीमियम व्हिस्की की 180 एमएल की 7 बोतलें और हार्वर्ड प्रीमियम बियर की 500 एमएल की 7 बोतलें जब्त कीं।

कारोबारी रविंद्र सिंह फरार, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
छापेमारी के दौरान शराब कारोबारी रविंद्र सिंह, जो स्वर्गीय तेज नारायण सिंह के पुत्र हैं, पुलिस के आने की भनक लगते ही घर छोड़कर फरार हो गया। स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर रविंद्र सिंह का नाम सामने आया, जिसके बाद गुरुवार को अलीनगर थाना में सअनि चंद्रशेखर यादव ने रविंद्र सिंह को नामजद अभियुक्त बनाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है।
शराबबंदी कानून तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई का संदेश
स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि रविंद्र सिंह लगातार शराब बेचने के धंधे में लिप्त है, जिससे गांव का माहौल खराब हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में थाना अध्यक्ष रंजीत कुमार शर्मा ने सख्त लहजे में कहा कि राज्य में पूर्ण बिहार शराबबंदी कानून लागू है और इसका उल्लंघन करने वाले किसी भी हाल में बख्शे नहीं जाएंगे।
राज्य में पूर्ण शराब बंदी कानून लागू है कानून का उल्लंघन करने वाले को किसी भी हाल में बक्सा नहीं जाएगा एवं उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, प्रशासन पूरी मुस्तादी के साथ असामाजिक तत्वों पर नजर बनाए हुए हैं।
थानाध्यक्ष शर्मा ने यह भी दोहराया कि प्रशासन असामाजिक तत्वों पर पूरी मुस्तैदी से नजर बनाए हुए है और उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस छापेमारी दल में सअनि चंदेश्वर प्रसाद यादव, गोपाल कुमार, पल्लवी कुमारी और रोशनी कुमारी समेत कई पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस की यह कार्रवाई दर्शाती है कि बिहार में शराबबंदी को सफल बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है और लगातार ऐसे असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसता रहेगा।







