Bihar Supply Officer Protest: दरभंगा समेत पूरे बिहार में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से गरीबों को मिलने वाले राशन पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। बिहार आपूर्ति सेवा संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा कर दी है। इसके तहत राज्यभर के आपूर्ति पदाधिकारी (एमओ) आज गुरुवार से कार्य के दौरान काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध करना शुरू कर चुके हैं। यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आने वाले दिनों में सामूहिक अवकाश और उसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल की भी चेतावनी दी गई है, जिससे राशन आपूर्ति पूरी तरह ठप हो सकती है।
संसाधनों के अभाव में कार्य करना मुश्किल, राशन कार्ड अभियान पर भी दबाव
बिहार आपूर्ति सेवा संघ का स्पष्ट कहना है कि आपूर्ति पदाधिकारियों से लगातार अतिरिक्त कार्य कराए जा रहे हैं। लेकिन, इन कार्यों के अनुरूप उन्हें पर्याप्त मानव बल और जरूरी संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। अधिकारियों पर राशन कार्ड अभियान सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए निर्धारित लक्ष्य और समय-सीमा का भारी दबाव है। संघ ने सरकार से मांग की है कि राशन कार्ड अभियान के लिए पर्याप्त मानव बल, कंप्यूटर, इंटरनेट और वाहनों सहित सभी आवश्यक संसाधन तुरंत उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही, उनकी सेवा से संबंधित अन्य लंबित मांगों पर भी शीघ्र निर्णय लिया जाए।
एमओ उमाशंकर दास ने कही बड़ी बात, गरीबों की चिंता
एमओ उमाशंकर दास ने दरभंगा के जाले में मीडिया से बात करते हुए कहा, “अधिकारी अपने दायित्वों से पीछे नहीं हट रहे हैं, लेकिन संसाधनों के अभाव में कार्य करना व्यावहारिक नहीं है। सरकार को समय रहते समस्याओं का समाधान करना चाहिए, ताकि जन वितरण प्रणाली के माध्यम से गरीबों को मिलने वाली राशन आपूर्ति प्रभावित न हो।”
संघ ने साफ कर दिया है कि 20 अगस्त से 26 अगस्त तक यह सांकेतिक काली पट्टी विरोध जारी रहेगा। यदि इस अवधि में भी सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो आपूर्ति पदाधिकारी सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे। इसके बाद भी अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे, जिसका सीधा असर राज्य के लाखों गरीब परिवारों की राशन आपूर्ति पर पड़ेगा। यह आंदोलन सरकार और आम जनता दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है। पढ़िए विस्तार से
20 से 26 अगस्त तक काला बिल्ला लगाकर सांकेतिक विरोध
लंबित मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से आपूर्ति सेवा संवर्ग में आक्रोश, जनहित के कार्य रहेंगे जारी
जाले में बिहार आपूर्ति सेवा संवर्ग के पदाधिकारी अपनी लंबित मांगों को लेकर 20 से 26 अगस्त तक काला बिल्ला धारण कर सांकेतिक विरोध करेंगे. इस संबंध में दरभंगा जिला इकाई की ओर से डीएम को पूर्व सूचना दी गयी है. जिले के करीब एक दर्जन प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों ने राज्य कार्यकारिणी के निर्देश के आलोक में यह निर्णय लिया है.
संघ का कहना है कि आपूर्ति पदाधिकारी जन वितरण प्रणाली के संचालन के साथ
विधि-व्यवस्था, एलपीजी वितरण, निर्वाचन व सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्य भी कर रहे हैं. वर्तमान में 11, 04, 425 नये राशन कार्ड बनाने का अभियान भी चल रहा है. संघ ने आरोप लगाया कि इसके लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं कराये गये हैं. न विभागीय वाहन है, न अतिरिक्त डाटा एंट्री ऑपरेटर, कंप्यूटर-स्कैनर और न ही व्यय का प्रावधान. ई-केवाईसी के लिए भी डीलरवार लंबित सूची की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से परेशानी हो रही है.
संघ ने प्रखंड आपूर्ति कार्यालयों में आवश्यक कर्मियों
व संसाधनों की व्यवस्था, नवंबर 2023 के बाद लंबित प्रोन्नति, रिक्त पदों को भरने तथा कार्य के अनुरूप अधिकार देने की मांग की है. 17 जुलाई को कॉल रिसीव नहीं होने के आधार पर बड़ी संख्या में पदाधिकारियों का एक दिन का वेतन रोकने का भी विरोध किया गया है.
संघ ने स्पष्ट किया है कि सांकेतिक विरोध के दौरान खाद्यान्न वितरण, राशन कार्ड निर्माण और ई-केवाईसी समेत सभी जनहित के कार्य सामान्य रूप से जारी रहेंगे.







