Darbhanga News: बिहार के दरभंगा जिले में एक बुजुर्ग के साथ हुई कथित छीनाझपटी का मामला अब ठगी का निकला है। पुलिस की गहन जांच और घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज ने इस घटना के पीछे का चौंकाने वाला सच उजागर किया है। लहेरियासराय थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात में एक 74 वर्षीय बुजुर्ग ने अपनी सोने की अंगूठी और दो चेन खोने की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की।
कैसे हुआ ‘छीनाझपटी’ से ठगी का खेल?
लहेरियासराय थाना क्षेत्र के रहमगंज निवासी रामचंद्र प्रसाद, जिनकी उम्र 74 वर्ष है, ने पुलिस को बताया कि 18 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 1:15 बजे वह अपने घर से बाकरगंज स्थित अपनी दुकान ‘अलंकार ज्वेलर्स’ जा रहे थे। नाका-06 शेखर नेत्रालय के पास तीन अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें रोका। बुजुर्ग के अनुसार, उन लोगों ने डरा-धमकाकर उनसे एक सोने की अंगूठी और दो सोने की चेन छीन ली।
इस शिकायत के आधार पर लहेरियासराय थाने में कांड संख्या 494/26 दर्ज किया गया। दरभंगा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत अनुसंधान शुरू किया। तकनीकी जांच और वादी से विस्तृत पूछताछ के दौरान कहानी में एक नया मोड़ आया।
CCTV फुटेज ने खोली सच्चाई, पुलिस भी हैरान
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि जब रामचंद्र प्रसाद घटना स्थल के पास पहुंचे, तो एक व्यक्ति ने उनसे कहा कि ‘साहब’ उन्हें बुला रहे हैं। जब बुजुर्ग ने पूछा कि कौन साहब बुला रहे हैं, तो जवाब मिला कि ‘पुलिस अफसर’ बुला रहे हैं।
इसी बीच, दो अन्य व्यक्ति भी उनके पास आ गए और कहने लगे कि ‘आप इतना सोना क्यों पहने हैं? आपको पता नहीं छीनाझपटी होती है। हम लोग इसी को रोकने के लिए हैं।’ उन्होंने बुजुर्ग को सलाह दी कि वह अपना सारा सोना उतारकर अंदर रख लें। यह सुनकर बुजुर्ग घबरा गए।
इसके बाद, एक व्यक्ति ने रामचंद्र प्रसाद को एक कागज का टुकड़ा दिया और कहा कि अंगूठी और चेन इसमें रख दें। बुजुर्ग ने अपनी अंगूठी और सोने की चेन उस कागज में रख दी, लेकिन बाद में उन्हें समझ नहीं आया कि वह कागज कहां गायब हो गया।
पुलिस ने जब घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, तो उसमें स्पष्ट रूप से दिखा कि बुजुर्ग रामचंद्र प्रसाद खुद ही अपनी अंगूठी और चेन उतार रहे थे। फुटेज में किसी भी तरह की जोर-जबरदस्ती या छीनाझपटी नहीं दिखाई दी। यह घटना शहर के सबसे व्यस्ततम मार्गों में से एक पर हुई, जहां दिन के समय पैदल और वाहनों से राहगीरों की आवाजाही लगातार बनी रहती है।
प्राथमिक जांच में यह मामला ठगी का प्रतीत होता है, न कि छीनाझपटी का। दरभंगा पुलिस इस मामले की आगे की जांच कर रही है ताकि ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके। इस घटना ने लोगों को ऐसी नई तरह की ठगी के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता पर बल दिया है।







