Bhagalpur Sugar Mill: भागलपुर जिले के गन्ना किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पीरपैंती प्रखंड में नई चीनी मिल स्थापित करने की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला प्रशासन ने मिल के निर्माण के लिए 100 एकड़ भूमि की पहचान कर ली है। इससे स्थानीय किसानों को भारी परिवहन लागत से मुक्ति मिलेगी और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
भागलपुर की डीएम अलंकृता पांडेय ने इस महत्वपूर्ण प्रगति की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से चल रही जमीन की तलाश पूरी हो चुकी है और चिह्नित 100 एकड़ के भूखंड की विस्तृत रिपोर्ट राज्य के ईख विकास विभाग को सौंप दी गई है। अब राज्य मुख्यालय और ईख विकास विभाग की हरी झंडी मिलते ही मिल की स्थापना और निर्माण की प्रक्रिया तेजी से शुरू हो जाएगी।
भागलपुर में चीनी मिल के लिए 100 एकड़ जमीन फाइनल
जिला स्तर पर तैयार रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में भागलपुर जिले में एक भी चीनी मिल संचालित नहीं है। यही कारण है कि राज्य सरकार इस क्षेत्र में नई औद्योगिक इकाई स्थापित करने की संभावनाओं पर लगातार काम कर रही थी। पिछले कई महीनों से मुख्यालय के निर्देशों के बाद स्थानीय प्रशासन पीरपैंती में मिल खोलने की कवायद कर रहा था। इस परियोजना के साथ ही क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
किसानों के लिए वरदान साबित होगी नई चीनी मिल
पीरपैंती और उसके सीमावर्ती इलाकों के गन्ना किसानों के लिए यह परियोजना किसी वरदान से कम नहीं है। स्थानीय स्तर पर मिल न होने के कारण किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूसरे जिलों या सुदूर क्षेत्रों के बाजारों पर निर्भर रहना पड़ता था। गन्ने को दूर भेजने पर किसानों को भारी परिवहन (ढुलाई) खर्च उठाना पड़ता था, जिससे उनकी आय प्रभावित होती थी। स्थानीय मिल होने से यह खर्च पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। इसके अलावा, सही समय पर गन्ने की पिराई न होने से फसल सूखने का जो डर बना रहता था, उससे भी अब किसानों को राहत मिलेगी।
हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार, बढ़ेगा कृषि रकबा
ईख विकास विभाग का अनुमान है कि पीरपैंती में भागलपुर चीनी मिल की स्थापना की खबर से किसानों का रुझान इस नकदी फसल की तरफ तेजी से बढ़ेगा। विभाग आने वाले समय में अधिक से अधिक किसानों को गन्ने की खेती से जोड़ने की विशेष योजना तैयार कर रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में क्षेत्र में गन्ने की खेती का रकबा काफी बढ़ जाएगा। इस चीनी मिल का प्रभाव केवल कृषि क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पूरे भागलपुर जिले के औद्योगिक विकास को गति देगा। मिल के निर्माण कार्य से लेकर उसके संचालन, पिराई सत्र के प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में हजारों स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
फिलहाल, किसानों और स्थानीय व्यवसायों की निगाहें अब राज्य के ईख विकास विभाग से मिलने वाली अंतिम मंजूरी पर टिकी हैं। यह परियोजना न केवल कृषि क्षेत्र को सशक्त करेगी, बल्कि पूरे भागलपुर जिले के औद्योगिक परिदृश्य को भी बदल देगी।





