Bihar Shravani Mela: जाले के जाले स्थित गंगेश्वर स्थान में होने वाले श्रावणी मेला महोत्सव को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्यक्रम स्थल तक वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही, उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार, दोनों दिन के सभी कार्यक्रम हर हाल में रात 10 बजे तक समाप्त करने होंगे। इन महत्वपूर्ण निर्णयों के साथ तैयारियों का जायजा लेने के लिए सोमवार को आपदा एडीएम सलीम अख्तर और न्यास के अध्यक्ष सह सदर एसडीओ गौरव कुमार गंगेश्वर स्थान पहुंचे।
सुरक्षा व्यवस्था का जायजा और सख्त निर्देश
अधिकारियों ने सीओ मधुमिता कुमारी, प्रभारी बीडीओ विक्रम भास्कर, आरओ प्रवीण कुमार और आरओ कर्ण के साथ न्यास के सदस्यों के साथ गहन समीक्षा की। इस दौरान वीआईपी, पदाधिकारियों और आम लोगों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थलों की विस्तृत जानकारी ली गई। कमतौल थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी कीमत पर कार्यक्रम स्थल और वीआईपी पार्किंग तक कोई भी वाहन नहीं पहुंचना चाहिए। आपदा एडीएम ने न्यास के सदस्यों से पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा समझी।
दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों की पूरी रूपरेखा
न्यास के सचिव संजीव कुमार चौधरी ने श्रावणी मेला महोत्सव के दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी।
25 अगस्त के कार्यक्रम:
- सुबह 7 बजे: मां रत्नेश्वरी दुर्गा मंदिर से गंगेश्वर स्थान तक 108 कन्याओं की कलश शोभायात्रा निकलेगी।
- सुबह 9 बजे: बाबा गंगेश्वरनाथ का महारुद्राभिषेक और पूजन शुरू होगा।
- दोपहर 3 बजे से: बजरंग म्यूजिकल ग्रुप की शानदार प्रस्तुति होगी।
- शाम 5 बजे: अतिथियों का भव्य स्वागत किया जाएगा।
- शाम 6 बजे: शंखनाद और कवि गोष्ठी का आयोजन होगा।
26 अगस्त के कार्यक्रम:
- दोपहर 3 बजे से: बजरंग म्यूजिकल ग्रुप अपनी प्रस्तुति जारी रखेगा।
- शाम 5 बजे: झिझिया, सामा-चकेवा और जर-जटीन पर आधारित मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।
- शाम 6 बजे: कुंज बिहारी की विशेष प्रस्तुति होगी।
- अतिथियों के स्वागत के बाद: प्रसिद्ध कलाकार माधव राय और जूली झा अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
एडीएम ने स्पष्ट किया कि उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए दोनों दिन सभी कार्यक्रम हर हाल में रात 10 बजे तक ही चलेंगे। इन कड़े सुरक्षा और समयबद्धता निर्देशों के साथ, जाले में श्रावणी मेला महोत्सव के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन की उम्मीद है, जिससे श्रद्धालुओं को बिना किसी परेशानी के बाबा गंगेश्वरनाथ के दर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद मिल सके।








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