Nepal Flood: नेपाल की नेपाल में बुधवार सुबह तिब्बत सीमा से लगी भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 62 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 105 भारतीय नागरिकों सहित कुल 384 पर्यटक लापता बताए जा रहे हैं। सेना, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां बड़े प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं।
बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे रासुवा के पास भोटेकोशी नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से यह भयानक स्थिति पैदा हुई। बागमती प्रदेश पुलिस कार्यालय से मिली नवीनतम जानकारी के अनुसार, मरने वालों में रसुवा से एक पुरुष, नुवाकोट से पांच महिलाएं और छह पुरुष समेत 11 लोग, धादिङ से पांच महिलाएं और दो पुरुष समेत नौ लोग, तथा चितवन से एक महिला शामिल हैं। मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका लगातार बनी हुई है। अनुमान है कि एक हजार के करीब लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है।
नेपाल में भारी तबाही: भोटेकोशी नदी की बाढ़ में 105 भारतीय समेत सैकड़ों गायब, क्या हुआ?
Nepal Flood: नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने नेपाल में भारी तबाही मचाई है। बुधवार सुबह तिब्बत सीमा से सटे इलाकों में अचानक आई बाढ़ से अब तक 22 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इस प्राकृतिक आपदा में 105 भारतीय पर्यटकों सहित कुल 384 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिसके बाद से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
बागमती प्रदेश पुलिस कार्यालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, यह मौतें रसुवा, नुवाकोट, धादिङ और चितवन जिलों में हुई हैं। रसुवा जिले में एक पुरुष ने जान गंवाई, जबकि नुवाकोट में पांच महिलाओं और छह पुरुषों सहित 11 लोगों की मृत्यु हुई। धादिङ जिले में भी पांच महिलाओं और दो पुरुषों समेत नौ लोग काल के गाल में समा गए, वहीं चितवन में एक महिला की मौत की खबर है।
सैकड़ों पर्यटक लापता, खोजबीन जारी
इस दुखद घटना के बाद से 384 पर्यटक लापता हैं, जिनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड, पर्यटक पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियां लापता लोगों की तलाश और बचाव अभियान में जुटी हुई हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, तिब्बत की ओर से किसी हिमनद झील के फटने या जलस्तर में अचानक हुई भारी वृद्धि के कारण यह बाढ़ आई।
बचाव अभियान के दौरान राहत दलों ने प्रभावित क्षेत्रों से 65 लोगों को घायल हालत में सुरक्षित बाहर निकाला है। इनमें रसुवा से 43, नुवाकोट से 19 और धादिङ से 03 लोग शामिल हैं।
बाढ़ से पूरे इलाके में व्यापक नुकसान हुआ है। कई गांव पानी में बह गए, सड़कें और पुल टूट गए और कई हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स को भी भारी क्षति पहुंची है।
लापता पर्यटकों का विवरण
नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, लापता विदेशी पर्यटकों में भारत, ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड्स, अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक शामिल हैं। कुछ लापता पर्यटकों की राष्ट्रीयता की जानकारी अभी जुटाई जा रही है। विभिन्न टूर एजेंसियों के माध्यम से यात्रा पर गए पर्यटक भी लापता हैं:
| टूर एजेंसी | लापता पर्यटकों की संख्या |
|---|---|
| ट्रेकर्स सोसाइटी | 92 |
| सम्राट टूर एंड ट्रैवल्स | 71 |
| लीफ होलिडे | 55 |
| हिमालयन ग्लेशियर | 52 |
| अन्य एजेंसियां | अन्य |
इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि पर्यटन क्षेत्र को इस आपदा से गहरा झटका लगा है। स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और ट्रेकिंग गाइडों के साथ मिलकर पर्यटन बोर्ड लापता लोगों से संबंधित आंकड़ों का सत्यापन कर रहा है और खोज एवं बचाव अभियान को तेज करने का हरसंभव प्रयास जारी है।
मौत का आंकड़ा और बचाव कार्य
बाढ़ के बाद से ही राहत दल सक्रिय हैं और अब तक 65 लोगों को घायल अवस्था में सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। इनमें रसुवा से 43, नुवाकोट से 19 और धादिङ से 3 लोग शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तिब्बत की ओर किसी हिमनद झील (ग्लेशियल लेक) के फटने या जलस्तर में अचानक भारी वृद्धि के कारण यह विनाशकारी बाढ़ आई है। इस बाढ़ से पूरे इलाके में व्यापक नुकसान हुआ है। कई गांव, सड़कें और पुल पूरी तरह से बह गए हैं, वहीं कई हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट को भी भारी क्षति पहुंची है।
लापता पर्यटकों की तलाश जारी
नेपाल पर्यटन बोर्ड, पर्यटक पुलिस और अन्य संबंधित निकाय प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद पर्यटकों की खोज और बचाव के लिए लगातार समन्वय कर रहे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल 384 पर्यटक लापता हैं, जिनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। लापता विदेशी पर्यटकों में भारत, ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड्स, अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक शामिल हैं। कुछ लापता पर्यटकों की राष्ट्रीयता की जानकारी अभी तक प्राप्त नहीं हो सकी है।
| टूर एजेंसी | लापता पर्यटकों की संख्या |
|---|---|
| ट्रेकर्स सोसाइटी | 92 |
| सम्राट टूर एंड ट्रैवल्स | 71 |
| लीफ होलिडे | 55 |
| हिमालयन ग्लेशियर | 52 |
| अन्य एजेंसियां | 114 |
इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से यात्रा कर रहे पर्यटक इस आपदा की चपेट में आए हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और ट्रेकिंग गाइडों के साथ मिलकर लापता लोगों से संबंधित आंकड़ों का सत्यापन कर रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में खोज एवं बचाव अभियान को तेज करने के प्रयास लगातार जारी हैं ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।
बागमती प्रदेश पुलिस कार्यालय के नवीनतम विवरण के अनुसार, रसुवा, नुवाकोट, धादिङ और चितवन में इन 22 लोगों की मौत हुई है।
इस भीषण आपदा के बाद, सरकार और विभिन्न संगठन मिलकर राहत कार्यों में जुटे हैं। लापता लोगों की तलाश और प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की बहाली एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिस पर तेजी से काम किया जा रहा है।







