Bhagalpur Flood Preparation: मॉनसून की दस्तक और लगातार हो रही बारिश के बीच भागलपुर जिले में बाढ़ की आशंका गहराने लगी है। इसी खतरे को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है। गोपालपुर प्रखंड स्थित ब्रह्मोत्तर बांध में भारी बारिश के कारण हुए कटाव को जलसंसाधन विभाग ने गंभीरता से लिया है, जिसके बाद बांध की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। इस सक्रियता से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि गंगा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है।
भागलपुर में बाढ़ का खतरा! ब्रह्मोत्तर बांध की मरम्मत तेज, पर इस बांध पर अतिक्रमण से बढ़ी चिंता
Bihar Flood Control: भागलपुर जिले के भागलपुर प्रखंड में स्थित ब्रह्मोत्तर बांध पर मरम्मत का काम तेजी से शुरू हो गया है। भारी बारिश के कारण बांध में कई जगहों पर कटाव हो गया था, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई थी। अब जलसंसाधन विभाग ने इन क्षतिग्रस्त हिस्सों को दुरुस्त करने की कवायद तेज कर दी है, ताकि संभावित बाढ़ के खतरे से निपटा जा सके और Bihar Flood Control को सुनिश्चित किया जा सके।

ब्रह्मोत्तर बांध का निरीक्षण और मरम्मत कार्य
गोपालपुर अंचलाधिकारी (सीओ) रौशन कुमार ने ब्रह्मोत्तर बांध का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बांध की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया और जलसंसाधन विभाग के कनीय अभियंता संजीव कुमार से चल रहे मरम्मत कार्यों की जानकारी ली। सीओ ने बताया कि विभाग उन सभी जगहों पर तेजी से रिपेयरिंग करा रहा है, जहां-जहां इसकी तत्काल आवश्यकता है।
बाढ़ की आशंका और अतिक्रमण का खतरा
निरीक्षण के दौरान सीओ रौशन कुमार से इस्माइलपुर-बिंट टोली बांध के स्पर संख्या 8 और 9 के बीच दोबारा हुए अतिक्रमण पर भी सवाल किए गए। यह बताया गया कि बाढ़ के दौरान यदि बांध पर अतिक्रमण रहता है, तो जलसंसाधन विभाग को बचाव और राहत कार्यों में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए जलसंसाधन विभाग और जिला आपदा प्रबंधन शाखा ने पहले ही संबंधित अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने के लिए पत्र भेजा था।
कार्रवाई में देरी के सवाल पर सीओ रौशन कुमार ने स्पष्ट किया, ‘यदि वहां अतिक्रमण किया गया है तो उसे हटाया जाएगा।’
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पिछले साल भी प्रशासन ने इस बांध को अतिक्रमण मुक्त कराया था। पिछले वर्ष बाढ़ के समय बांध पर बने घरों और अतिक्रमण के कारण जिला प्रशासन को फ्लड फाइटिंग में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद काफी मशक्कत से बांध को सुरक्षित किया जा सका था।
ऐसे में, ब्रह्मोत्तर बांध पर मरम्मत कार्य का शुरू होना और प्रशासन की सक्रियता स्थानीय लोगों के लिए राहत लेकर आई है। हालांकि, इस्माइलपुर-बिंट टोली बांध पर दोबारा अतिक्रमण की स्थिति बाढ़ के दौरान फिर से परेशानी खड़ी कर सकती है। गंगा के बढ़ते जलस्तर और लगातार बारिश के बीच बांधों की सुरक्षा और अतिक्रमण हटाना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, जिस पर तत्काल ध्यान देना आवश्यक है, ताकि Bihar Flood Control के प्रयासों में कोई बाधा न आए।
बांध सुरक्षा पर खास ध्यान और निरीक्षण
ब्रह्मोत्तर बांध की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभागीय स्तर पर तेजी से काम चल रहा है। कटाव वाले हिस्सों को दुरुस्त करने का कार्य जारी है। इसी क्रम में गोपालपुर अंचलाधिकारी (सीओ) रौशन कुमार ने ब्रह्मोत्तर बांध का दौरा किया। उन्होंने बांध की वर्तमान स्थिति का बारीकी से जायजा लिया और मौके पर मौजूद जलसंसाधन विभाग के कनीय अभियंता (जेई) संजीव कुमार से चल रहे मरम्मत कार्यों की विस्तृत जानकारी ली।
सीओ रौशन कुमार ने बताया कि उन्होंने पूरे ब्रह्मोत्तर बांध का निरीक्षण किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां-जहां भी मरम्मत की आवश्यकता है, वहां जलसंसाधन विभाग द्वारा तेजी से रिपेयरिंग कार्य कराया जा रहा है ताकि बाढ़ के संभावित खतरे से निपटा जा सके और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
अतिक्रमण बना बड़ी चुनौती: पिछली बार भी हुई थी भारी मशक्कत
निरीक्षण के दौरान अंचलाधिकारी रौशन कुमार से इस्माइलपुर-बिंट टोली बांध के स्पर संख्या 8 और 9 के बीच दोबारा अतिक्रमण किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। यह एक गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि बाढ़ के दौरान यदि बांध पर अतिक्रमण रहता है, तो जलसंसाधन विभाग को फ्लड फाइटिंग और आपदा राहत एवं बचाव कार्य करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
यह भी बताया गया कि जलसंसाधन विभाग और जिला आपदा प्रबंधन शाखा ने पहले ही इस अतिक्रमण को हटाने के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा था। हालांकि, कार्रवाई में देरी पर सवाल उठने पर सीओ रौशन कुमार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
सीओ रौशन कुमार ने कहा, “ऐसी बात नहीं है, यदि वहां अतिक्रमण किया गया है तो उसे हटाया जाएगा। पिछली बार भी प्रशासन की ओर से बांध को अतिक्रमण मुक्त कराया गया था।”
पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान बांध पर बने घरों और अतिक्रमण के कारण जलसंसाधन विभाग के साथ-साथ पूरे जिला प्रशासन को फ्लड फाइटिंग कार्य में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। कई प्रयासों के बाद ही बांध को सुरक्षित किया जा सका था। ऐसे में, दोबारा अतिक्रमण होने की स्थिति में इस बार बाढ़ के समय विभागीय कार्रवाई में फिर से परेशानी उत्पन्न होने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन की ओर से इस चुनौती से निपटने के लिए सख्त कदम उठाने की उम्मीद है।







