Bhagalpur Erosion News: बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया में गंगा नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। राघोपुर काजीकोरैया बांध का एक बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया है, जिससे क्षेत्र में कटाव का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। इस भयावह स्थिति ने स्थानीय ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया है और उनके सामने बेघर होने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
करोड़ों के काम पर गंगा का कहर, ग्रामीणों में दहशत
जल संसाधन विभाग द्वारा कटावरोधी उपायों पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन ये उपाय गंगा की तेज धार के सामने ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ साबित हो रहे हैं। अब तक करोड़ों रुपये का कार्य गंगा की प्रचंड लहरों में विलीन हो चुका है। बांध टूटने और लगातार बढ़ते कटाव के कारण सैकड़ों परिवार अपनी जमीन और घर खोने के डर से सहमे हुए हैं।
जल संसाधन विभाग की कार्यशैली पर सवाल, मंत्री-डीएम असंतुष्ट
बढ़ते कटाव और ग्रामीणों की चिंता के बीच, बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री सह स्थानीय विधायक इंजीनियर शैलेंद्र और जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने घटनास्थल का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान, मंत्री और डीएम दोनों ही जल संसाधन विभाग की कार्यशैली से बेहद असंतुष्ट दिखे। उन्होंने अधिकारियों को मुख्य बांध की सुरक्षा सुनिश्चित करने और तय समय-सीमा के भीतर मजबूती से कटावरोधी कार्य पूरा करने का सख्त निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने कहा, “कटावरोधी कार्य को समय पर पूरा करने का सख्त निर्देश दिया गया है। मौके पर मैनपावर की कमी की शिकायत मिली है, जिसे तुरंत दुरुस्त किया जाएगा ताकि काम तेजी से हो सके।”
मंत्री शैलेन्द्र बोले – गंगा मैया से प्रार्थना, कटाव रुकेगा
पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेन्द्र ने भी पूरे प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि कटाव को आगे बढ़ने से रोकने के लिए सभी स्तरों पर प्रयास जारी हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि उन्होंने शुरुआत में ही आगाह किया था कि गंगा ‘टिल्ट’ कर रही है, जिससे कटाव बढ़ेगा और इस पर समय रहते काम होना चाहिए था।
इंजीनियर शैलेन्द्र ने अपनी बात रखते हुए कहा, “हम ईश्वर में आस्था रखने वाले लोग हैं, गंगा मैया से प्रार्थना की है, वह मानेंगी और कटाव रुकेगा। बाकी अगर किसी को नरेटिव सेट करना है तो करे, दो मंत्रियों का क्षेत्र होने से क्या होता है? क्या पहले अन्य जगहों पर कटाव नहीं हुआ है?”
प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों के इस दौरे से ग्रामीणों को कुछ उम्मीद मिली है, लेकिन गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर और कटाव की चुनौती अभी भी बनी हुई है। जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद अब मैनपावर की कमी को दूर कर कटावरोधी कार्यों में तेजी लाने की कोशिश की जा रही है ताकि हजारों लोगों को विस्थापन से बचाया जा सके।







