Kamtaul JalSankat: आंचल कुमारी दरभंगा। दरभंगा: जिले के कमतौल-अहियारी नगर पंचायत के वार्ड 11 में इन दिनों भीषण जलसंकट से हाहाकार मचा हुआ है। भूगर्भीय जलस्तर इतना नीचे खिसक गया है कि मोहल्ले के दर्जनों चापाकल पूरी तरह सूख चुके हैं। आलम यह है कि लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं और अपनी प्यास बुझाने के लिए नगर पंचायत के टैंकरों पर निर्भर हैं। टैंकर आते ही पानी भरने के लिए महिलाओं और बच्चों की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है, जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पेयजल संकट से जूझ रहे 50 से अधिक परिवार
वार्ड पार्षद अभिषेक महतो ने बताया कि अकेले वार्ड 11 में करीब 50 घरों के चापाकल सूख गए हैं। पिछले साल भी ऐसी ही स्थिति थी, लेकिन इस बार सावन में बारिश न होने और भादो में भी सूखे के कारण भूजल स्तर में अप्रत्याशित गिरावट आई है। स्थानीय निवासियों, जिनमें शिवजी महतो, रघुनाथ महतो, महेश कुमार और मुकेश दास शामिल हैं, ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि सुबह से शाम तक चापाकल चलाने पर भी एक बाल्टी पानी नहीं निकल पा रहा है। उन्हें पीने के पानी के लिए दूसरे वार्डों में भटकना पड़ रहा है।
शिवजी महतो, रघुनाथ महतो, महेश कुमार, मुकेश दास ने बताया, ‘सुबह से शाम तक चापाकल चलाने पर भी एक बाल्टी पानी नहीं निकल रहा है। पीने के पानी के लिए दूसरे वार्ड में जाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को झेलनी पड़ रही है।’
इस भीषण कमतौल जलसंकट का सबसे बुरा असर महिलाओं पर पड़ रहा है, जिन्हें दूर-दराज से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। उनकी दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
नगर पंचायत से तत्काल और दीर्घकालीन समाधान की मांग
मोहल्लेवासियों ने नगर पंचायत प्रशासन से इस गंभीर पेयजल संकट से निजात दिलाने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में टैंकर से नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करना और सूखे हुए चापाकलों की मरम्मत या गहरे बोरिंग की व्यवस्था करना शामिल है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही बारिश नहीं हुई और वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
इस संबंध में जब नगर पंचायत के अधिकारियों से संपर्क किया गया, तो उन्होंने जलस्तर गिरने की सूचना मिलने की पुष्टि की। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में पानी के टैंकर नियमित रूप से भेजे जा रहे हैं। साथ ही, इस समस्या के दीर्घकालीन समाधान के लिए वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) पर एक योजना भी बनाई जा रही है। हालांकि, स्थानीय लोग तत्काल और प्रभावी समाधान की उम्मीद कर रहे हैं ताकि उन्हें पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना न पड़े।







