Bihar Ganga Erosion: बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। सबौर प्रखंड की फरका पंचायत के इंग्लिश गांव में गंगा का भीषण कटाव जारी है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। अब तक कई घर गंगा में समा चुके हैं, जबकि दर्जन भर से अधिक मकानों पर कटाव का गंभीर संकट मंडरा रहा है।
सुबह ही इतवारी साह का दो मंजिला पक्का मकान देखते ही देखते गंगा नदी में विलीन हो गया। इस घटना ने गांव वालों को हिलाकर रख दिया है। लोग अपने घरों को खाली कर रहे हैं और कीमती सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं। जिनकी गृहस्थी गंगा में समा गई है, उनके पास चीख-पुकार और बेबसी के अलावा कुछ नहीं बचा है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई ग्रामीणों की मुसीबत
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद से कटाव ने भयावह रूप ले लिया है। रोजाना जमीन नदी में समा रही है, जिससे उनके आशियाने खतरे में हैं। एक महिला, जिसका घर हाल ही में गंगा में समा गया, रोते हुए अपनी पीड़ा बता रही थीं। उन्होंने कहा कि अगर कटाव की यही स्थिति बनी रही, तो कम समय में ही पूरा गांव गंगा में समा जाएगा।
महिला ने रोते हुए बताया, ‘अगर कटाव की स्थिति ऐसी ही रही, तो बहुत कम समय में ही पूरा गांव गंगा में समा जाएगा। हमने अपना सब कुछ खो दिया है।’
इस भीषण कटाव से गांव के कई परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। इतवारी साह का दो मंजिला मकान पूरी तरह से नदी में समा चुका है। इसके अलावा, रंजीत तांती, छट्टू तांती, दीपक तांती और धनेश्वर तांती जैसे कई अन्य लोगों के घर भी कटाव के बिल्कुल मुहाने पर हैं, और किसी भी वक्त गंगा में समा सकते हैं।
सरकार की उदासीनता से आक्रोशित ग्रामीण
ग्रामीणों का आरोप है कि गंगा के इस भीषण कटाव को रोकने के लिए सरकार या प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कटावनिरोधी कार्य नहीं किया गया है। उनकी शिकायत है कि स्थानीय प्रशासन इस गंभीर समस्या पर उदासीन बना हुआ है, जिससे उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने जल्द से जल्द कटावनिरोधी कार्य शुरू करने की मांग की है, ताकि उनके घरों और जीवन को बचाया जा सके। यदि समय रहते कोई कदम नहीं उठाया गया, तो इंग्लिश गांव का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है और सैकड़ों परिवार बेघर हो सकते हैं।








You must be logged in to post a comment.