Pranab Mukherjee Darbhanga: भारत के पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न से सम्मानित प्रणब मुखर्जी की छठी पुण्यतिथि पर दरभंगा में वकीलों ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। सोमवार को वकालतखाना भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में कानूनी बिरादरी ने उनके राष्ट्र के प्रति अतुलनीय योगदान को याद किया।
अधिवक्ता रमणजी चौधरी की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में स्वर्गीय मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए गए। इस दौरान मौजूद सभी लोगों ने देश के इस महान सपूत को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

कुशल राजनेता और बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे प्रणब दा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उनका जीवन राष्ट्र सेवा को समर्पित रहा।
अरुण कुमार चौधरी ने बताया, ‘स्वर्गीय मुखर्जी एक कुशल राजनेता के साथ साथ बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे जिन्होंने राष्ट्र की आजीवन अहिर्निश सेवा की।’
प्रणब मुखर्जी का निधन कोविड-19 के दौरान 31 अगस्त 2020 को हुआ था। उन्होंने 25 जुलाई 2012 से 2017 तक देश के सर्वोच्च राष्ट्रपति पद को सुशोभित किया। इससे पहले, विधि में डिग्रीधारी स्वर्गीय मुखर्जी ने पांच बार राज्यसभा सदस्य और दो बार लोकसभा सदस्य के रूप में राष्ट्र की सेवा की थी।
वकीलों ने दी अपनी उपस्थिति
इस श्रद्धांजलि सभा में कई गणमान्य वकील और न्यायिक क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे। इनमें हीरानंद मिश्र, कुमार उत्तम, प्रदीप कुमार यादव, मुरारीलाल केवट, किरण कुमारी, संतोष कुमार सिन्हा, मिथलेश कुमार और जाहिद हुसैन शामिल थे। इसके अतिरिक्त, कुलदीप दिवान, न्याय अतिथि महेशकांत झा और लिपिक विनय कुमार झा भी इस अवसर पर मौजूद थे। सभी ने मिलकर प्रणब मुखर्जी के विराट व्यक्तित्व को याद किया और उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
यह आयोजन प्रणब मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान और उनके असाधारण राजनीतिक करियर को याद करने का एक महत्वपूर्ण अवसर था। उनके विचार और कार्य आज भी देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं।







