Bihar Teacher Recruitment: बिहार में शिक्षक बनने का सपना देख रहे हजारों अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है। बहुप्रतीक्षित बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) TRE-4 शिक्षक भर्ती की आवेदन प्रक्रिया, जो 1 सितंबर 2026 से शुरू होनी थी, उसे एक दिन पहले ही स्थगित कर दिया गया है। आयोग ने सोमवार को इस संबंध में सूचना जारी कर ‘प्रक्रियात्मक बदलाव’ को इसका कारण बताया है। इस फैसले के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है, जहां विपक्ष ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं, वहीं सत्ता पक्ष इसे आवश्यक सुधार बता रहा है।
BPSC के विज्ञापन संख्या 14/2026 के तहत कुल 32,388 विद्यालय अध्यापक पदों पर भर्ती होनी है। आयोग ने कहा है कि आवेदन से संबंधित नई तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी, जिसका मतलब है कि फिलहाल यह प्रक्रिया रद्द नहीं हुई है, बल्कि इसे आगे बढ़ाया गया है।

क्यों टली BPSC TRE-4 शिक्षक भर्ती आवेदन की तारीख?
BPSC की ओर से जारी आधिकारिक सूचना में स्पष्ट किया गया है कि TRE-4 के तहत ऑनलाइन आवेदन की निर्धारित प्रक्रिया को ‘प्रक्रियात्मक बदलाव’ के कारण स्थगित किया गया है। आयोग ने नई तारीख की घोषणा जल्द करने की बात कही है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब शिक्षक अभ्यर्थी लंबे समय से इस भर्ती विज्ञापन का इंतजार कर रहे थे और सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन भी कर रहे थे। 25 अगस्त को पटना में प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा था, जिसमें छात्र और पुलिसकर्मी दोनों घायल हुए थे।
हाल के दिनों में सरकार ने शिक्षक अभ्यर्थियों की कई मांगों को स्वीकार करते हुए बदलावों की घोषणा की थी। इसमें TRE-4 परीक्षा को एक चरण में कराने का निर्णय और संगीत शिक्षक के पदों में अतिरिक्त सीटें जोड़ने की जानकारी शामिल है। इन बदलावों को लागू करने के लिए ही आवेदन प्रक्रिया में देरी की संभावना जताई जा रही है।
बिहार शिक्षक भर्ती पर विपक्ष ने उठाए सवाल, सत्ता पक्ष ने किया बचाव
आवेदन प्रक्रिया स्थगित होने के बाद इस मुद्दे पर बिहार की सियासत गरमा गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रवक्ता एजाज अहमद ने सरकार पर सीधा निशाना साधा है।
एजाज अहमद ने आरोप लगाया, “सरकार की मंशा सही नहीं है और वह युवाओं को रोजगार नहीं देना चाहती।”
उन्होंने कहा कि लंबे इंतजार के बाद भर्ती का विज्ञापन जारी हुआ और अभ्यर्थियों ने आवेदन की तैयारी शुरू कर दी थी, ऐसे में आवेदन शुरू होने से ठीक पहले प्रक्रिया स्थगित होने से छात्रों में असमंजस की स्थिति पैदा हुई है।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया।
कुंतल कृष्ण ने कहा, “BPSC की ओर से कुछ संशोधन किये गये हैं और इन बदलावों को लागू करने के लिए समय की आवश्यकता है। इसी कारण आवेदन की तारीख को आगे बढ़ाया गया है। यह भर्ती प्रक्रिया को रोकना नहीं, बल्कि प्रक्रियात्मक बदलाव के लिए लिया गया निर्णय है।”
छात्र नेता ने अभ्यर्थियों से की अपील
इस बीच, छात्र नेता डॉ सौरव कुमार सिंह ने अभ्यर्थियों से धैर्य रखने की अपील की है। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में सीट बढ़ाने और परीक्षा को एकल चरण में कराने की मांग शामिल थी, जिसे सरकार ने मान लिया है।
डॉ सौरव कुमार सिंह ने कहा, “सरकार ने इन मांगों को मान लिया है और इसी प्रक्रिया में समय लग रहा है। मैं अभ्यर्थियों से अपील करता हूं कि वे इस फैसले को लेकर पैनिक न करें और अपनी तैयारी जारी रखें। हम सरकार के निर्णय के साथ खड़े हैं और अभ्यर्थियों को भी नयी तारीख आने तक अपनी तैयारी पर ध्यान देना चाहिए।”
फिलहाल, सभी की निगाहें BPSC के अगले आदेश पर टिकी हैं कि नई आवेदन तिथि कब घोषित की जाती है। 32,388 पदों पर होने वाली इस बिहार शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया में हुए इन बदलावों और नई तारीख को लेकर आयोग की अगली सूचना बेहद महत्वपूर्ण होगी।







