Bhagalpur Land Dispute: भागलपुर में एक 90 वर्षीय बुजुर्ग को उस जमीन से बेदखल करने की कोशिश का आरोप लगा है, जिस पर उनका परिवार पिछले करीब 90 वर्षों से रह रहा है। जमीन विवाद ने इस परिवार की नींद उड़ा दी है और अब उन्हें घर छिन जाने का डर सता रहा है। 90 वर्षीय गिरधारी साह ने न्याय के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है।
गिरधारी साह का आरोप है कि लक्ष्मण, अमित, सुमित और उनके परिवार के सदस्य उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। विरोध करने पर दबंगों ने उनके परिवार के साथ लाठी-डंडों से मारपीट भी की। इस हमले में उनके बेटे को गंभीर चोटें आई हैं, जिनका इलाज मायागंज अस्पताल में चल रहा है।

90 साल से रह रहे घर पर दबंगों की बुरी नजर
बुजुर्ग गिरधारी साह ने बताया कि इतने लंबे समय में इस जमीन को लेकर कभी कोई विवाद नहीं हुआ था। लेकिन, अब अचानक कुछ लोग उन्हें जमीन खाली करने का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जमीन उनके नाम पर है और वह नगर निगम तथा ब्लॉक से संबंधित सभी भुगतान भी करते आ रहे हैं।
गिरधारी साह ने कहा, “हम 90 साल से इस जमीन पर रह रहे हैं। अब दबंग हमारे घर को तोड़कर अपना मकान बनाना चाहते हैं। अगर हमें जबरन घर से निकाल दिया गया, तो हम अपने परिवार के साथ कहां जाएंगे?”
बुजुर्ग का आरोप है कि जब उन्होंने जमीन खाली करने से इनकार किया, तो दूसरे पक्ष के लोगों ने उनके साथ मारपीट की। परिवार में इस घटना के बाद से दहशत का माहौल है।
पुलिस कार्रवाई पर सवाल, प्रशासन से न्याय की उम्मीद
गिरधारी साह ने बताया कि उन्होंने घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस थाने में दी थी। उनका आरोप है कि पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत की और बाद में उन्हें छोड़ दिया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्हें अब तक यह समझ नहीं आ रहा है कि अचानक यह विवाद क्यों और कैसे खड़ा हो गया।
उम्र के इस पड़ाव पर अपने घर और जमीन को लेकर बेहद परेशान गिरधारी साह ने प्रशासन और पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि उचित कार्रवाई कर उन्हें न्याय मिलेगा। अब देखना यह होगा कि पुलिस पूरे मामले की जांच के बाद क्या कदम उठाती है और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद प्रखंड प्रशासन इस विवाद का किस तरह समाधान कराता है। फिलहाल, दोनों पक्षों के दावों और जमीन के कागजात की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।







