Bihar River Erosion: बिहार के भागलपुर जिले के राघोपुर में गंगा नदी का रौद्र रूप लोगों के लिए बड़ी चिंता का सबब बन गया है। नदी के तेज बहाव के कारण भीषण कटाव हो रहा है, जिससे सैकड़ों परिवारों के आशियाने खतरे में हैं। इस विकट स्थिति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी अलंकृता पांडे देर रात अधिकारियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचीं।
डीएम अलंकृता पांडे ने कटाव प्रभावित इलाकों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को बचाव कार्यों और कटावरोधी उपायों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए। प्रशासन रात-दिन इस समस्या से निपटने में जुटा हुआ है, लेकिन गंगा का बढ़ता जलस्तर और तेज बहाव चुनौती बना हुआ है।

गंगा के कटाव से दहशत में राघोपुर की महिलाएं, बांध पर लगाई गुहार
इस पूरे घटनाक्रम के बीच राघोपुर से एक बेहद भावुक और मार्मिक तस्वीर सामने आई है। गंगा के कटाव से अपने घर और परिवार को बचाने की गहरी चिंता में, बाढ़ पीड़ित महिलाएं देर रात बांध पर बैठी नजर आईं। ये महिलाएं गंगा मैया को मनाने और उनसे रहम की गुहार लगाने के लिए प्रार्थना गीत गा रही थीं।
महिलाओं की आंखों में अपने घर-परिवार को बचाने की चिंता साफ झलक रही थी, जबकि उनकी जुबान पर गंगा मैया से रहम की गुहार थी। वे गा रही थीं, ‘अब अपना रौद्र रूप वापस ले जाओ।’
यह दृश्य स्थानीय लोगों की आस्था और बेबसी को दर्शाता है। एक तरफ प्रशासन वैज्ञानिक तरीकों से कटाव रोकने के प्रयास कर रहा है, तो दूसरी तरफ ग्रामीण अपनी सदियों पुरानी आस्था और प्रार्थना के सहारे अपने आशियाने को बचाने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
प्रशासनिक प्रयास और जनमानस की आस्था
जिलाधिकारी के दौरे के बाद कटावरोधी कार्यों में और तेजी आने की उम्मीद है। हालांकि, गंगा नदी का वर्तमान स्वरूप और उसकी प्रचंड धारा इन प्रयासों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल कटाव की समस्या उन्हें विस्थापित होने पर मजबूर करती है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन के प्रयास और ग्रामीणों की प्रार्थना, गंगा के इस रौद्र रूप को शांत कर पाती है या नहीं।







