IIT Patna: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) पटना अगले दो वर्षों में एक बड़ा विस्तार करने जा रहा है। संस्थान के 500 एकड़ के परिसर में तीसरे चरण का निर्माण पूरा होने के बाद, 2028 तक छात्रों की संख्या 6,000 से अधिक होने की उम्मीद है। वर्तमान में, IIT पटना में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी कार्यक्रमों में कुल 4,347 छात्र नामांकित हैं।
तीसरे चरण का निर्माण: लागत और समय-सीमा
तीसरे चरण का निर्माण कार्य 2026 में शुरू हुआ था और इसे 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस चरण में 126,462 वर्ग मीटर की निर्मित जगह का विकास किया जाएगा, जिस पर अनुमानित 644 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस विस्तार के पूरा होने के बाद, IIT पटना का कुल निर्मित क्षेत्र बढ़कर 377,306 वर्ग मीटर हो जाएगा, जिससे अतिरिक्त शैक्षणिक और बुनियादी ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। संस्थान को उम्मीद है कि इस विस्तार से संकाय और कर्मचारियों की संख्या में भी वृद्धि होगी।

पहले के दो चरण और नई अत्याधुनिक सुविधाएँ
संस्थान का पहला निर्माण चरण 2011 में शुरू हुआ था और 2016 में पूरा हुआ, जिसमें 143,616 वर्ग मीटर का निर्मित क्षेत्र 388 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया। दूसरा चरण 2017 से 2024 के बीच पूरा हुआ, जिसने 498 करोड़ रुपये के व्यय पर 107,228 वर्ग मीटर का अतिरिक्त स्थान जोड़ा। इस प्रकार, नवीनतम चरण संस्थान के भौतिक बुनियादी ढांचे और क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि करेगा।
छात्रों और स्टार्टअप्स के लिए कई नई सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। हाइब्रिड-मोड कार्यक्रम में नामांकित छात्रों के लिए 700 से अधिक बिस्तरों वाला एक छात्रावास पूरा हो चुका है, जिसे संस्थान के आंतरिक संसाधनों का उपयोग करके बनाया गया है। इसके अतिरिक्त, IIT पटना 60 करोड़ रुपये की लागत से एक AI सेंटर और 305 करोड़ रुपये की लागत से एक रिसर्च पार्क विकसित कर रहा है, जिसमें बिहार सरकार का सहयोग मिल रहा है। रिसर्च पार्क के रखरखाव के लिए अगले पांच वर्षों के लिए 75 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन किया गया है। संस्थान के इनक्यूबेशन सेंटर से जुड़े स्टार्टअप्स के लिए 39 करोड़ रुपये की लागत से एक अलग छात्रावास का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे उद्यमी अपने स्टार्टअप परियोजनाओं पर काम करते हुए परिसर में रह सकेंगे।
वित्तीय प्रबंधन और भविष्य की योजनाएँ
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संस्थान को तीसरे चरण के लिए आवंटित 160 करोड़ रुपये की राशि को 10 वर्षों में चुकाना होगा, जो प्रति वर्ष 16 करोड़ रुपये होगा। साथ ही, IIT पटना को अगले दो वर्षों में नियमित और हाइब्रिड कार्यक्रमों से प्राप्त छात्र शुल्क और अन्य स्रोतों से लगभग 170 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है। यह अनुमानित राजस्व संस्थान को भविष्य के बुनियादी ढांचागत विकास और अन्य संस्थागत आवश्यकताओं के लिए अपने स्वयं के संसाधनों का उपयोग करने में अधिक सहायता प्रदान करेगा।
यह विस्तार न केवल IIT पटना की क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि बिहार में उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में नए अवसर भी पैदा करेगा।







