spot_img

Bihar Smart Meter स्मार्ट मीटर का बैलेंस अचानक ‘माइनस’ हुआ? बिहार बिजली विभाग ने दूर की उपभोक्ताओं की चिंता!

Bihar Smart Meter: सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद हजारों उपभोक्ताओं के खातों में दिखी बड़ी गड़बड़ी। जून से अगस्त तक की लंबित बिलिंग का जानें पूरा सच और घबराने की वजह नहीं।

spot_img
- Advertisement -

Bihar Smart Meter: बिहार में स्मार्ट मीटर का इस्तेमाल करने वाले बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक अहम खबर सामने आई है। मीटर रीडिंग और बिलिंग व्यवस्था में सॉफ्टवेयर बदलाव के बाद कई उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर बैलेंस में अचानक बड़ा बदलाव दिख रहा है। जिन उपभोक्ताओं के खाते में पहले पर्याप्त राशि उपलब्ध थी, उनमें से कई का बैलेंस अब कम होकर शून्य या माइनस में दिखाई देने लगा है। इससे उपभोक्ताओं के बीच भ्रम और चिंता की स्थिति बन गई है, जिस पर बिजली विभाग ने अब पूरी जानकारी दी है।

- Advertisement -

दरअसल, बिहार में बिजली विभाग की मीटर रीडिंग और बिलिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आरएमएस (RMS) सॉफ्टवेयर में बदलाव किया गया है। सॉफ्टवेयर में बदलाव की इस प्रक्रिया के दौरान जून से अगस्त तक करीब तीन महीने तक मीटर रीडिंग और बिलिंग से जुड़ी प्रक्रिया प्रभावित रही। अब नए सिस्टम के शुरू होने के बाद लंबित मीटर रीडिंग और बिजली खपत का हिसाब धीरे-धीरे सिस्टम में अपडेट किया जा रहा है।

- Advertisement -

स्मार्ट मीटर में माइनस बैलेंस का रहस्य क्या है?

स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह है कि उनके मीटर में अचानक पहले से मौजूद बैलेंस कम दिखाई देने लगा है। कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि उनके स्मार्ट मीटर में 500 रुपये या उससे अधिक का बैलेंस था, लेकिन रीडिंग अपडेट होने के बाद यह राशि कम हो गई और कुछ मामलों में बैलेंस माइनस में पहुंच गया। इसे देखकर उपभोक्ताओं को लगा कि बिजली विभाग ने उनके स्मार्ट मीटर खाते से अतिरिक्त राशि काट ली है।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, मामला अतिरिक्त राशि काटे जाने का नहीं, बल्कि पिछले महीनों की बिजली खपत के लंबित हिसाब के समायोजन से जुड़ा है। यह सिर्फ सॉफ्टवेयर अपडेट का परिणाम है।

- Advertisement -

जून से अगस्त तक क्या हुआ था, क्यों बदली बिहार स्मार्ट मीटर की स्थिति?

बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, सॉफ्टवेयर में बदलाव के कारण जून से अगस्त के बीच मीटर रीडिंग और बिलिंग की सामान्य प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। इस दौरान उपभोक्ताओं द्वारा इस्तेमाल की गई बिजली की खपत से संबंधित आंकड़ों को सिस्टम में पूरी तरह अपडेट करने की प्रक्रिया लंबित रही। हालांकि, स्मार्ट मीटर में बिजली की खपत दर्ज होती रही और ऊर्जा उपयोग के आधार पर निर्धारित एनर्जी चार्ज की प्रक्रिया भी चलती रही, लेकिन बिलिंग से संबंधित पूरा हिसाब नए सॉफ्टवेयर में अपडेट नहीं हो पाया।

यह भी पढ़ें:  दरभंगा में सनसनी! बहन को कॉलेज छोड़ने निकला था युवक, पेड़ से लटकी मिली लाश; परिजन बोले- ये हत्या है!

अब जब नया आरएमएस सॉफ्टवेयर शुरू हो गया है, तो पिछले महीनों में हुई बिजली खपत का हिसाब सिस्टम में अपडेट किया जा रहा है। इसी क्रम में लंबित राशि का समायोजन उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर बैलेंस में दिखाई देने लगा है। विभागीय जानकारी के अनुसार, आरएमएस सॉफ्टवेयर के जरिए मीटर रीडिंग की प्रक्रिया दोबारा शुरू होने के बाद 30 अगस्त से लंबित बिजली खपत का हिसाब सिस्टम में अपडेट किया गया। इसके बाद कई उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर बैलेंस में अचानक बदलाव देखने को मिला।

यह भी पढ़ें:  भागलपुर के हल्दीबाड़ा में भयंकर बिजली संकट! 2 लोग झुलसे, गुस्से में लोगों ने बिजली कार्यालय घेरा, दी सीधी चेतावनी

घबराएं नहीं, बिजली विभाग ने क्या कहा?

बिहार के कई इलाकों में स्मार्ट मीटर उपभोक्ता अपनी शिकायत लेकर विद्युत विभाग के कार्यालय पहुंचे। उपभोक्ताओं ने अधिकारियों को बताया कि उनके स्मार्ट मीटर में पहले पर्याप्त बैलेंस दिखाई दे रहा था, लेकिन रीडिंग अपडेट होने के बाद अचानक बैलेंस कम हो गया। कुछ उपभोक्ताओं ने अधिकारियों से यह भी सवाल किया कि जब उनके स्मार्ट मीटर में पहले से राशि उपलब्ध थी, तो अचानक बैलेंस माइनस में कैसे चला गया। लोगों ने पूरे मामले की जानकारी और खाते में हुई कटौती का विवरण मांगा।

यह भी पढ़ें:  NEET 2017 पेपर लीक: संजीव मुखिया पर EOU का शिकंजा, अब खुलेगा 9 साल पुराना राज?

उपभोक्ताओं की शिकायत सुनने के बाद विद्युत विभाग के सहायक विद्युत अभियंता और कनीय विद्युत अभियंता समेत अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि सॉफ्टवेयर में बदलाव के कारण मीटर रीडिंग और बिलिंग की प्रक्रिया में कुछ समय के लिए व्यवधान आया था। अब नए आरएमएस सॉफ्टवेयर के जरिए पुराने लंबित आंकड़ों को अपडेट किया जा रहा है। उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर में दिखाई दे रहा बैलेंस पिछले महीनों की बिजली खपत और उसके लंबित समायोजन से प्रभावित हुआ है। इसलिए बैलेंस कम होने या माइनस में जाने को सीधे तौर पर अतिरिक्त राशि की कटौती नहीं माना जाना चाहिए।

उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे स्मार्ट मीटर में दिखाई दे रहे बैलेंस के साथ अपनी बिजली खपत और रिचार्ज से संबंधित विवरण भी देखें। यदि किसी उपभोक्ता को लगता है कि उसके खाते में गलत राशि समायोजित हुई है, तो वह संबंधित विद्युत कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकता है। विभाग इस मामले पर पूरी तरह से पारदर्शिता बनाए रखने का प्रयास कर रहा है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Darbhanga Murder दरभंगा में सनसनी | मंगनु यादव की मौत बनी पहेली, हत्या या हादसा? परिजनों की चुप्पी ने उलझाई जांच की गुत्थी|अल्टीमेटम में...

Darbhanga Murder: दरभंगा के बेनीपुर में मंगनु यादव का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। पुलिस हत्या और दुर्घटना दोनों एंगल से जांच कर रही है, लेकिन मौत की गुत्थी अभी भी अनसुलझी है।#DarbhangaNews,#BiharCrime,#MysteryDeath

मुंगेर में गंगा का रौद्र रूप! खतरे के निशान के करीब नदी, 28 स्कूल बंद, निचले इलाकों में फैला बाढ़ का पानी

Munger Flood News: मुंगेर में गंगा नदी खतरे के निशान से महज 47 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। बढ़ते जलस्तर के कारण सदर प्रखंड के निचले इलाकों और दियारा क्षेत्रों में बाढ़ का पानी फैल ग#MungerFlood,#GangaRiver,#BiharNews

Darbhanga Sanskrit University Exam छात्रों के लिए बड़ी खबर! दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में आचार्य परीक्षा की तारीखें आ गईं

Darbhanga Sanskrit University Exam: दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय ने आचार्य तृतीय और प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाओं की तारीखें घोषित कर दी हैं। 14 से 19 सितंबर तक दो पालियों में आयोजित होंगी परीक्षाएं#DarbhangaNews,#SanskritUniversity,#BiharEducation

पटना में ‘LOVE’ का हाईवोल्टेज ड्रामा | वर्षों से था प्रेम प्रसंग, कोर्ट में भी नहीं हुआ समझौता ! टावर पर चढ़ी तीन बच्चों...

Patna News: पटना के मसौढ़ी में तीन बच्चों की मां 200 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। वह अपने प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ी थी और उस पर यौन शोषण समेत कई आरोप लगाए। पांच#PatnaNews,#BiharCrime,#MasaurhiDrama