Bihar Flood: रिकॉर्ड स्तर पर बह रही गंगा नदी के बावजूद बिहार में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। जल संसाधन विभाग के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने 7 सितंबर को पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग और जिला प्रशासन की लगातार निगरानी के कारण राजधानी पटना सुरक्षित है।
गंगा का रिकॉर्ड जलस्तर और बैकवाटर का असर
उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि पटना के गांधी घाट पर गंगा नदी का जलस्तर 50.58 मीटर तक पहुंच गया था, जो 2016 में दर्ज किए गए 50.52 मीटर के पिछले रिकॉर्ड को पार कर गया है। हालांकि, विभाग की ओर से की गई तैयारियों और निरंतर निगरानी के चलते पटना में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। विभाग ने जानकारी दी है कि गंगा के लगातार ऊंचे जलस्तर के कारण कई स्थानों पर बैकवाटर का प्रभाव देखा गया है।
इस बैकवाटर के चलते गंगा में मिलने वाली गंडक और पुनपुन जैसी सहायक नदियों का डिस्चार्ज प्रभावित हुआ है, जिससे उनके निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ गया है। चौधरी ने आश्वस्त किया कि गंगा का जलस्तर अब कम होने की उम्मीद है और अगले एक-दो दिनों में इसमें और सुधार देखा जा सकेगा।
भागलपुर में तटबंध की मरम्मत, 171 जगहों पर बाढ़ से बचाव कार्य
जल संसाधन विभाग ने बताया कि भागलपुर जिले के खरीक ब्लॉक में गंगा किनारे काजिकोरिया-रघुपुर सीमांत तटबंध को हाल ही में कुछ नुकसान पहुंचा था। विभाग के इंजीनियरों और अधिकारियों ने लगातार काम कर इस क्षति की मरम्मत की और बाढ़ के पानी को आबादी वाले क्षेत्रों में फैलने से रोका। विभाग के अनुसार, वर्तमान में यह प्रभावित क्षेत्र सुरक्षित है।
पिछले एक सप्ताह के दौरान जल संसाधन विभाग ने राज्य भर में 171 स्थानों पर बाढ़ से बचाव संबंधी अभियान चलाए हैं। इनमें से 14 स्थानों पर तटबंधों को नुकसान या रिसाव की सूचना मिली थी। विभाग ने बताया कि 11 स्थानों पर मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है, जबकि शेष तीन जगहों पर कार्य अभी भी जारी है। विभाग बिहार में तटबंधों और संवेदनशील बिंदुओं की चौबीसों घंटे निगरानी कर रहा है। उप मुख्यमंत्री चौधरी ने जोर देकर कहा कि आबादी वाले क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए तटबंधों की मजबूती बनाए रखना केंद्रीय महत्व का है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में तकनीकी सलाहकार मनोज रमन, विशेष सचिव के.डी. प्रज्ज्वल, इंजीनियर-इन-चीफ ब्रजेश मोहन और विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।






