Gaya News: बिहार के गया में 25 सितंबर से पितृपक्ष मेला शुरू होने वाला है। इस दौरान देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु अपने पूर्वजों के पिंडदान और तर्पण के लिए पहुंचेंगे। इन श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए पिछले वर्षों की तरह इस बार भी गयाजी नगर निगम क्षेत्र के 58 स्कूलों को आवास केंद्र बनाया गया है। शिक्षा विभाग इन स्कूलों को मेले से पहले पूरी तरह तैयार करने में जुट गया है।
पितृपक्ष मेला 2026 की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने बोधगया स्थित धर्मारण्य, सरस्वती और मातंगवापी वेदियों का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
स्कूलों का गहन निरीक्षण और सुविधाओं पर जोर
शिक्षा विभाग के अधिकारी लगातार इन निर्धारित स्कूलों का निरीक्षण कर रहे हैं। वे इमारतों और कमरों की स्थिति, पीने के पानी, बिजली, शौचालय और साफ-सफाई की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निरीक्षण के दौरान पाई गई किसी भी कमी को तुरंत दूर किया जाए।
श्रद्धालुओं को उनके प्रवास के दौरान जिन बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता होगी, उन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नगर निगम के उत्तरी और दक्षिणी दोनों क्षेत्रों के स्कूलों का मूल्यांकन किया जा रहा है। कक्षाओं और स्कूल परिसर की साफ-सफाई के साथ-साथ रंगाई-पुताई की स्थिति भी जांची जा रही है। विभाग ने कहा है कि जहां भी रंगाई या अन्य मरम्मत कार्य की आवश्यकता है, उसे मेले शुरू होने से पहले पूरा कर लिया जाएगा।
शिक्षकों की तैनाती और उनकी भूमिका
श्रद्धालुओं को सहायता प्रदान करने और उनके प्रवास के दौरान आने वाली समस्याओं को हल करने के लिए आवास केंद्रों पर शिक्षकों को भी तैनात किया जाएगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी 58 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को पत्र लिखकर उन शिक्षकों का विवरण मांगा है, जिन्हें ड्यूटी पर लगाया जा सकता है। इस सूची में शिक्षक का नाम, स्कूल, पदनाम, सेवानिवृत्ति की तारीख और मोबाइल नंबर शामिल है। प्राप्त जानकारी के आधार पर, शिक्षकों को एक ड्यूटी शेड्यूल के अनुसार आवास केंद्रों पर नियुक्त किया जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम
स्कूलों में तैनात शिक्षक श्रद्धालुओं को आवास संबंधी मुद्दों में मदद करेंगे और केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे। शिक्षा विभाग यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है कि श्रद्धालुओं के आने से पहले पीने का पानी, बिजली, शौचालय और साफ-सफाई की व्यवस्था पूरी हो जाए। अधिकारियों ने बताया है कि पितृपक्ष मेला के 25 सितंबर को शुरू होने से पहले सभी 58 स्कूलों को तैयार कर लिया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना और परिसरों को उचित स्थिति में बनाए रखना है।
गयाजी नगर निगम क्षेत्र के 58 स्कूलों को आवास केंद्र के रूप में तैयार किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि पितृपक्ष मेले से पहले सभी बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त हो जाएं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। – जिला शिक्षा पदाधिकारी
इन तैयारियों से उम्मीद है कि पितृपक्ष मेला में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को आरामदायक और सुविधाजनक प्रवास मिल सकेगा। शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन मिलकर यह सुनिश्चित करने में लगे हैं कि पवित्र अनुष्ठान के लिए आने वाले लोगों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।








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