Bihar Politics: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक भाई वीरेंद्र ने बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल मचा दी है। उन्होंने जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता संजय झा पर तीखा हमला बोला है। भाई वीरेंद्र ने संजय झा की राजनीतिक भूमिका और निष्ठा पर गंभीर सवाल उठाते हुए यहां तक कह दिया कि उन्होंने पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों को बर्बाद कर दिया है। राजद विधायक ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई और शराब तस्करी में लड़कियों की गिरफ्तारी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी सरकार को घेरा है।
संजय झा पर सीधा निशाना: ‘पार्टी और नीतीश कुमार को किया बर्बाद’
भाई वीरेंद्र ने संजय झा से अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि संजय झा को पहले यह बताना चाहिए कि वे भारतीय जनता पार्टी के साथ हैं या जनता दल यूनाइटेड के साथ। राजद विधायक के अनुसार, संजय झा ने जदयू और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों को भारी नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने झा की चुनावी क्षमता पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि अब जनता उन्हें अच्छी तरह जानती-पहचानती है और वे पार्टी को एक वोट भी नहीं दिला सकते, इसके बावजूद बड़ी-बड़ी बातें करते हैं।
भ्रष्टाचार और शराब तस्करी पर सरकार को घेरा
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ हो रही कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक दिन में कई जगहों पर कार्रवाई हो जाने से कोई बड़ा बदलाव नहीं आता, बल्कि यह केवल दिखावे के लिए की जा रही गिरफ्तारियां हैं। वीरेंद्र ने यह भी पूछा कि भ्रष्टाचार के आरोप में कार्रवाई करने वालों पर कौन कार्रवाई करेगा, और सरकार को इस सवाल का जवाब देना चाहिए। उनका आरोप है कि बिहार में हर जगह भ्रष्टाचार फैला हुआ है और किसी बड़े व्यक्ति के यहां कोई कार्रवाई या छापेमारी नहीं होती।
उन्होंने शराब तस्करी में महिलाओं, खासकर पढ़ी-लिखी लड़कियों की गिरफ्तारी को अत्यंत गंभीर और चिंताजनक बताया। भाई वीरेंद्र ने कहा कि यह स्थिति सरकार के लिए सोचने वाली है, क्योंकि अगर शिक्षित लड़कियां भी ऐसे मामलों में पकड़ी जा रही हैं, तो इसके पीछे की परिस्थितियों को समझना और समाधान खोजना बेहद जरूरी है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से इस मामले पर गंभीरता से विचार करने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।
बाढ़ राहत व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
भाई वीरेंद्र ने बाढ़ राहत व्यवस्था को लेकर भी अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्वीकार किया कि पटना के जिलाधिकारी जनप्रतिनिधियों की बात सुनते हैं, लेकिन राज्य के अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति काफी खराब है। उनके मुताबिक, पहले बाढ़ पीड़ितों को जिस तरह की सहायता मिलती थी, अब वैसी मदद नहीं मिल पा रही है। राजद विधायक ने सरकार से बाढ़ राहत व्यवस्था की स्थिति पर विशेष ध्यान देने और प्रभावित लोगों को उचित सहायता सुनिश्चित करने की मांग की।
राजद विधायक भाई वीरेंद्र के इन तीखे बयानों से बिहार की राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। उनके आरोपों से जदयू और सरकार पर दबाव बढ़ने की संभावना है, खासकर भ्रष्टाचार और शराब तस्करी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर। आने वाले दिनों में इन बयानों पर सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया देखना दिलचस्प होगा, और यह देखना भी महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इन गंभीर आरोपों का जवाब कैसे देती है।







