Saran News: बिहार के सारण जिले में ग्रामीण विकास की एक महत्वपूर्ण कड़ी, नेवाजी टोला चौक से बसाढ़ी तक जाने वाली मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस मार्ग से लगातार भारी-भरकम और क्षमता से अधिक सीमेंट ट्रकों के गुजरने के कारण सड़क जगह-जगह से टूट गई है। ग्रामीणों का दावा है कि इस लगभग तीन किलोमीटर लंबी सड़क पर छोटे-बड़े सौ से भी अधिक गड्ढे बन गए हैं, जिसने आवागमन को नारकीय बना दिया है।
बारिश के दिनों में ये गड्ढे पानी से भर जाते हैं, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है और दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ट्रकों के इन गड्ढों में फंसने से अक्सर लंबा जाम लग जाता है, जिसका खामियाजा स्कूल जाने वाले बच्चों को भी भुगतना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस सड़क की तत्काल मरम्मत करवाने और क्षमता से अधिक माल ढोने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
सारण की सड़क पर सैकड़ों जानलेवा गड्ढे, आवागमन हुआ मुश्किल
नेवाजी टोला चौक से बसाढ़ी तक का यह मार्ग स्थानीय आबादी के लिए एक जीवनरेखा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के किनारे तीन से चार सीमेंट गोदाम स्थित हैं, जहां से भारी ट्रकों का अनवरत परिचालन होता रहता है। इन भारी वाहनों के लगातार दबाव के कारण सड़क की सतह कई स्थानों पर धंस गई है और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इस वजह से न केवल बड़े वाहन बल्कि छोटे वाहनों और दोपहिया चालकों को भी गुजरने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी रमेश कुमार ने बताया, “सड़क पर इतने गड्ढे हैं कि हर समय दुर्घटना का डर बना रहता है। बारिश में तो पता ही नहीं चलता कि गड्ढा कितना गहरा है। बच्चों को स्कूल भेजने में भी डर लगता है।”
बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। गड्ढों में पानी भरने से वे अदृश्य हो जाते हैं, जिससे वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ जाता है। विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता किसी चुनौती से कम नहीं है। सड़क की इस जर्जर हालत के कारण आए दिन छोटे-मोटे हादसे होते रहते हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है।
ओवरलोडेड ट्रकों का कहर: जाम, हादसे और स्कूली बच्चों की परेशानी
इस मार्ग पर भारी ट्रकों के फंसने की घटनाएं आम हो गई हैं। जब कोई ट्रक गड्ढे में फंसकर रुक जाता है, तो सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। सड़क संकरी होने और अत्यधिक खराब होने के कारण जाम को हटाना भी मुश्किल हो जाता है। इसका सीधा असर स्कूली वाहनों पर पड़ रहा है। कई बार स्कूल बसें और वैन घंटों जाम में फंसी रहती हैं, जिससे बच्चों को समय पर घर पहुंचने में दिक्कत होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार बच्चों को वाहनों से उतारकर पैदल ही घर भेजना पड़ता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सड़क की इस बदहाली को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने अब तक कोई सुध नहीं ली है। उन्होंने जिला प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने और ओवरलोडेड सीमेंट ट्रकों के परिचालन पर रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल सड़क की मरम्मत ही काफी नहीं, बल्कि भारी वाहनों के परिचालन पर कड़ी निगरानी भी आवश्यक है ताकि भविष्य में सड़क को बार-बार होने वाले नुकसान से बचाया जा सके और स्थानीय लोगों की यात्रा सुरक्षित हो सके।







