spot_img

बिहार में बाढ़ पीड़ितों को मिली बड़ी राहत@579 करोड़ ! 8 लाख परिवारों के खाते में पहुंचे 7-7 हजार रुपये, अब दुर्गापूजा से पहले होगा यह काम

Bihar Flood Relief: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 579.23 करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी करते हुए 8 लाख 27 हजार से अधिक बाढ़ प्रभावित परिवारों को सीधे उनके बैंक खातों में 7-7 हजार रुपये भेजे हैं। सरकार ने दुर्गापूजा से पहले सभी प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने का लक्ष्य रखा है।

spot_img
- Advertisement -

Bihar Flood Relief: बिहार में बाढ़ प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार ने 579.23 करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर 8 लाख 27 हजार 472 प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में 7-7 हजार रुपये प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे भेजे गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि कोई भी पात्र परिवार इस राहत से वंचित न रहे।

- Advertisement -

बिहार में बाढ़ पीड़ितों को मिली बड़ी राहत@579 करोड़ ! 8 लाख परिवारों के खाते में पहुंचे 7-7 हजार रुपये, अब दुर्गापूजा से पहले होगा यह काम

- Advertisement -

इसके साथ ही, दुर्गापूजा से पहले बाढ़ प्रभावित इलाकों को सामान्य स्थिति में लाने के लिए तेजी से काम करने को कहा गया है। सरकार ने सड़कों, बांधों और अन्य क्षतिग्रस्त ढांचों की मरम्मत जल्द से जल्द पूरी करने का भी निर्देश दिया है ताकि जनजीवन पटरी पर लौट सके।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  बड़ी खबर Karnataka Politics ! कर्नाटक में सियासी तूफान, CM डीके शिवकुमार का दावा- BJP-JDS के कई नेता कांग्रेस में होंगे शामिल

बाढ़ पीड़ितों के लिए 579 करोड़ की सहायता जारी

सरकार को दी गई रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष बिहार के 15 जिलों में बाढ़ का व्यापक असर देखा गया है। इन जिलों के 88 प्रखंडों और 575 पंचायतों के 2,642 गांव बाढ़ की चपेट में आए हैं। इसके अलावा, 21 शहरों के कई वार्डों में भी जलभराव की स्थिति बनी रही, जिससे बड़ी संख्या में परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

बाढ़ के दौरान प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों के लिए 21 टीमें तैनात की थीं। प्रभावित लोगों तक भोजन पहुंचाने के लिए 1,200 से अधिक सामुदायिक रसोई भी चलाई गईं, जिनके माध्यम से हजारों लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि राहत का काम केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जब तक घरों और खेतों से पानी पूरी तरह नहीं निकल जाता, तब तक राहत शिविर और सामुदायिक सहायता जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

दुर्गापूजा से पहले सामान्य होगी स्थिति

बाढ़ के बाद सबसे बड़ी चुनौती अब प्रभावित इलाकों को सामान्य स्थिति में लाना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों से बाढ़ का पानी पूरी तरह निकलने की संभावित समय-सीमा के बारे में पूछा। अधिकारियों ने दुर्गापूजा से पहले अधिकांश प्रभावित क्षेत्रों से पानी निकलने की उम्मीद जताई है।

यह भी पढ़ें:  खुशखबरी! पटना से दिल्ली का सफर अब सिर्फ 4 घंटे में|NHSRCL ने दिल्ली- सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की DPR रेल मंत्रालय को सौंपी

मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही अगले एक महीने में क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत पूरी करने का भी निर्देश दिया। जिन इलाकों में सड़कें खराब हुई हैं, वहां तेजी से काम करने को कहा गया है। बांधों और दूसरी जरूरी संरचनाओं की मरम्मत से बाढ़ प्रभावित गांवों और शहरों की आवाजाही पर सीधा सकारात्मक असर पड़ेगा। सड़क और संपर्क व्यवस्था बहाल होने से राहत सामग्री पहुंचाने तथा लोगों के सामान्य जीवन को पटरी पर लाने में भी मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि राहत वितरण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, “कोई भी पात्र परिवार राहत से छूटना नहीं चाहिए। दुर्गापूजा से पहले बाढ़ प्रभावित इलाकों को सामान्य स्थिति में लाने के लिए तेजी से काम करें।”

छूटे हुए परिवारों को 7 दिन में मिलेगी राहत

सरकार ने राहत वितरण से छूटे हुए पात्र परिवारों के लिए भी समय सीमा तय कर दी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ऐसे परिवारों की पहचान और नुकसान का आकलन किया जाए। इसके बाद, सात दिनों के भीतर उन्हें भी 7 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जाए।

गरीब परिवारों को हुए नुकसान का सर्वे कराने का भी निर्देश दिया गया है। सर्वे के आधार पर जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त राहत पहुंचाने की बात कही गई है। इस निर्देश का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी राहत सूची में किसी पात्र परिवार का नाम छूटने की स्थिति में उसे लंबे समय तक सहायता का इंतजार न करना पड़े।

यह भी पढ़ें:  Darbhanga News दरभंगा में चलती पिकअप से ' चोरी ' : भीड़ ने युवक को पीटा, पुलिस आई तो खुली चौंकाने वाली पोल!

केंद्रीय टीम करेगी नुकसान का आकलन

बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम के बिहार आने की जानकारी भी दी गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के स्तर पर इस संबंध में प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार रखने को कहा गया है, जिसमें बाढ़ से हुए नुकसान और प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी शामिल होगी। केंद्रीय टीम के आकलन के बाद आगे की राहत और सहायता से जुड़ी प्रक्रिया में मदद मिल सकती है।

सामान्य से कम बारिश, फिर भी क्यों आई बाढ़?

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार बिहार में बारिश सामान्य से करीब 30 प्रतिशत कम रही, इसके बावजूद कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी। सरकार अब इस स्थिति के कारणों पर भी काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने भविष्य में बिहार को बाढ़ के खतरे से ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए तैयारी करने की बात कही है। इसके लिए बाढ़ नियंत्रण और प्रभावित इलाकों की सुरक्षा से जुड़े उपायों पर काम करने का निर्देश दिया गया है। फिलहाल सरकार की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों तक आर्थिक सहायता पहुंचाना, पानी निकालना और क्षतिग्रस्त ढांचे को जल्द बहाल करना है। प्रशासन के सामने दुर्गापूजा से पहले अधिकांश प्रभावित क्षेत्रों को सामान्य स्थिति में लाने का लक्ष्य रखा गया है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Bihar Education बड़ा बदलाव! बिहार के कॉलेजों में अब विदेशी भाषाएं भी पढ़ेंगे छात्र, जेएनयू-बीएचयू के पाठ्यक्रम से तैयार हुआ खाका

Bihar Education: बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों में जल्द ही जर्मन, फ्रेंच, जापानी सहित कई विदेशी भाषाओं के पाठ्यक्रम शुरू होंगे। यह पहल छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्त#BiharEducation,#ForeignLanguageCourses,#BiharJobs

दहला देने वाली खबर! रसगुल्ला गले में फंसने से आठ साल के बच्चे की दर्दनाक मौत

Bodh Gaya News: गया जिले के बोधगया में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। रसगुल्ला गले में फंसने से 8 साल के मासूम शिवम कुमार की मौत हो गई। परिवार में मातम पसर गया है।#BodhGayaNews,#ChildDeath,#GayaTragedy

Bihar UCC | बिहार NDA में घमासान! JDU ने भरी हुंकार, गहरे मतभेद |चिराग और मांझी ने साधी चुप्पी

Bihar UCC: बिहार एनडीए में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर मतभेद गहरा गए हैं। जदयू ने खुलकर विरोध किया है, जबकि चिराग पासवान और जीतन राम मांझी की पार्टी ने सधी प्रतिक्रिय#BiharPolitics,#UCCIndia,#NDAAlliance

सारण की इस सड़क पर चलना मौत को दावत देने जैसा! 100 से ज्यादा गड्ढे, जानलेवा सफर

Saran News: सारण जिले में नेवाजी टोला चौक से बसाढ़ी जाने वाली मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क की हालत ओवरलोडेड सीमेंट ट्रकों के कारण जर्जर हो गई है। सड़क पर 100 से ज्यादा गड्ढे है#SaranNews,#BiharRoads,#OverloadedTrucks