Jamui Children Death: जमुई जिले में मंगलवार को दो हृदय विदारक घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। जमुई में अलग-अलग हादसों में दो सगे भाइयों समेत तीन बच्चों की दुखद मौत हो गई। इन घटनाओं ने स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश भर दिया है, खासकर बालू घाटों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पहली घटना सोनो थाना क्षेत्र के बाबूडीह गांव में सामने आई। यहां तीज पूजा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक आहार (स्थानीय तालाब) में डूबने से दो सगे भाइयों, अमरजीत कुमार (10) और रुद्र कुमार (7) की जान चली गई। बताया गया कि दोनों भाई अन्य लोगों के साथ प्रतिमा विसर्जन के लिए टिकलाही आहार के पास गए थे। इसी दौरान वे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। उनके साथ मौजूद मंझले भाई ने तुरंत घर पहुंचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी।

सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला और उन्हें सदर अस्पताल, जमुई ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने दोनों मासूमों को मृत घोषित कर दिया। एक साथ दो बेटों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे बाबूडीह गांव में शोक का माहौल है। मृत बच्चों के पिता शंकर चौधरी होमगार्ड जवान हैं और घटना के समय वे अपनी ड्यूटी पर जमुई में तैनात थे। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शवों के पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की है।
सोनो में तीज विसर्जन के दौरान दो सगे भाई डूबे
दूसरी दर्दनाक घटना चकाई प्रखंड की कियाजोरी पंचायत स्थित बलिया डाबर बालू घाट पर हुई। कर्मा पूजा के लिए बालू लेने गई आठ वर्षीय सीमा कुमारी गहरे और दलदली पानी में फंसकर डूब गई। उसके साथ मौजूद सहेलियों ने दुपट्टे की मदद से उसे बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो पाईं।
इस घटना की सूचना पर ग्रामीणों ने नदी में उतरकर बच्ची की तलाश शुरू की। चंद्रमंडीह थानाध्यक्ष गजेंद्र कुमार भी अपनी पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। अंचल अधिकारी (सीओ) ने भी घटनास्थल का जायजा लिया और एनडीआरएफ टीम को सूचना दी गई। हालांकि, स्थानीय मछुआरों की कड़ी मशक्कत के बाद करीब छह घंटे बाद बच्ची का शव नदी से बाहर निकाला जा सका। सीमा के पिता तारिणी साव ने बताया कि सुबह लगभग आठ बजे सीमा अन्य बच्चियों के साथ कर्मा पूजा के लिए बालू लाने नदी गई थी, तभी यह हादसा हुआ।
बालू घाट पर मासूम की मौत, ग्रामीणों में आक्रोश
ग्रामीणों ने इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उनका आरोप है कि बालू उठाव के कारण घाट पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जो ऐसे हादसों का कारण बन रहे हैं। ग्रामीणों ने बालू संवेदक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर नाराजगी जताई है। इस मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।







