Bihar Cabinet: बिहार में विकास और रोजगार को नई गति देने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए हैं। मंगलवार को हुई इस बैठक में कुल 17 महत्वपूर्ण एजेंडों को मंजूरी मिली है, जिसमें गया के विष्णुपद मंदिर का काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकास, मखाना किसानों के लिए बड़ी योजना और पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 366 सहायक प्राध्यापकों की संविदा पर नियुक्ति जैसे अहम फैसले शामिल हैं। इन फैसलों से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।
विष्णुपद मंदिर का होगा कायाकल्प, मखाना किसानों को मिलेगा लाभ
गया के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के विकास के लिए 2,520 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इस योजना के तहत मंदिर परिसर को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसमें मंदिर परिसर का विस्तार, घाटों का सौंदर्यीकरण, मल्टीलेवल पार्किंग, एक एलीवेटेड पथ, डोरमेट्री, कैंटीन और पैदल पुल जैसी कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही, सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के लिए भी 996 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इन दोनों परियोजनाओं पर कुल मिलाकर लगभग 3,516 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे गया में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
वहीं, मखाना किसानों के लिए भी बिहार कैबिनेट ने बड़ा कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय मखाना विकास योजना के लिए करीब 89.80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य मखाना की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करना है, जिसमें उत्पादन से लेकर बीज, प्रशिक्षण, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और बाजार व्यवस्था तक सब कुछ शामिल है। इसके अलावा, मखाना के निर्यात और सर्टिफिकेशन को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे किसानों, व्यापारियों और एफपीओ (किसान उत्पादक संगठनों) की आय में वृद्धि होगी।
मेडिकल कॉलेजों में दूर होगी शिक्षकों की कमी, बढ़ेगा हवाई संपर्क
राज्य के पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए भी एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। बेतिया, पूर्णिया, मधेपुरा, छपरा और समस्तीपुर स्थित मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक के 366 रिक्त पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्तियां की जाएंगी। यह नियुक्तियां तब तक प्रभावी रहेंगी जब तक इन पदों पर नियमित बहाली नहीं हो जाती। इससे इन मेडिकल कॉलेजों में छात्रों की पढ़ाई और स्वास्थ्य सेवाओं पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
बिहार में हवाई संपर्क को बढ़ाने के लिए भी कैबिनेट ने एक अहम मंजूरी दी है। संशोधित उड़ान योजना (Modified UDAN Scheme) के तहत केंद्र सरकार, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) और बिहार सरकार के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) को हरी झंडी मिली है। इससे राज्य के छोटे शहरों में हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इसके अतिरिक्त, आकांक्षी जिलों में हेलीपोर्ट विकसित करने की भी योजना है, जिससे पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
ईंट-भट्ठों को राहत, बाढ़ सुरक्षा पर भी बड़ा खर्च
राज्य के ईंट-भट्ठा कारोबारियों को बकाया भुगतान में राहत देने के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी दी गई है। यह योजना तीन महीने तक लागू रहेगी, जिसके तहत ईंट सत्र 2024-25 तक के बकाया में ब्याज की राशि छोड़कर केवल मूल बकाया जमा करने का विकल्प मिलेगा। इससे कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी और सरकार को भी लंबित राजस्व की वसूली में तेजी आएगी।
जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए ‘बिहार जलस्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026’ को भी मंजूरी मिली है। इस नीति के तहत नदियों, बराज और जलाशयों में जमा गाद को हटाया जाएगा, और निकाली गई गाद का उपयोग सड़क, रेलवे और अन्य निर्माण परियोजनाओं में मिट्टी भराई के लिए किया जा सकेगा। बाढ़ सुरक्षा और सिंचाई कार्यों के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से जल संसाधन विभाग को 1,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा, बागवानी विकास मिशन के लिए 78.34 करोड़ रुपये और बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में पैरावेट स्कूल के लिए छह स्थायी पदों के सृजन को भी स्वीकृति मिली है।








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