Bihar Medical News: चिकित्सा जगत में बिहार ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। डॉ. गौरी शंकर झा ने एनाटॉमिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (ASI) के अध्यक्ष पद पर आसीन होकर प्रदेश और मिथिला क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। यह उपलब्धि बिहार के लिए दूसरी बार है, जबकि दरभंगा के लिए यह पहला मौका है जब किसी एनाटोमिस्ट को राष्ट्रीय स्तर पर यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है।
लगभग सौ वर्षों के शानदार इतिहास वाले दरभंगा मेडिकल कॉलेज के लिए यह एक अभूतपूर्व क्षण है। कॉलेज के इतिहास में पहली बार कोई एनाटोमिस्ट इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्था का अध्यक्ष बना है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक घटना है।
बिहार की शान बने डॉ. गौरी शंकर झा
डॉ. गौरी शंकर झा का एनाटॉमिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (ASI) का अध्यक्ष बनना केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि यह दरभंगा मेडिकल कॉलेज, पूरे बिहार राज्य और विशेष रूप से मिथिला क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। इस नियुक्ति से राष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सा शिक्षा और एनाटॉमी के क्षेत्र में दरभंगा का नाम रोशन हुआ है।
डॉ. झा से पहले पटना मेडिकल कॉलेज के डॉ. प्रो. जगन्नाथ पी. ने 1980 में ASI कॉन्फ्रेंस की मेजबानी की थी और बाद में वे ASI के अध्यक्ष भी बने थे। उनके बाद अब डॉ. गौरी शंकर झा ने इस पद को सुशोभित किया है, जो बिहार के लिए एक और गौरवशाली अध्याय जोड़ता है।
दरभंगा मेडिकल कॉलेज को मिला राष्ट्रीय सम्मान
दरभंगा मेडिकल कॉलेज, जो अपने लंबे और समृद्ध इतिहास के लिए जाना जाता है, अब डॉ. गौरी शंकर झा की इस उपलब्धि से राष्ट्रीय चिकित्सा मानचित्र पर और भी प्रमुखता से उभरा है। इस घटना ने क्षेत्र के युवाओं और चिकित्सा छात्रों के लिए प्रेरणा का एक नया स्रोत प्रदान किया है, जिससे वे भी चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में उच्च मानकों को प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। यह दर्शाता है कि बिहार से भी चिकित्सा के क्षेत्र में राष्ट्रीय नेतृत्व की क्षमता मौजूद है।







