Darbhanga News: बिहार के दरभंगा में धार्मिक जुलूस के निर्धारित रूट को बदलने की कथित कोशिशों पर अब विवाद गहरा गया है। इंसाफ मंच ने प्रशासन के इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताई है। मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद ने आज कहा कि सदर डीएसपी-2 और सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष द्वारा धार्मिक जुलूस के पूर्व से तय मार्ग में बदलाव की कोशिश करना बिल्कुल अनुचित है। उन्होंने प्रशासन को चेताया कि ऐसी कार्रवाई से अनावश्यक तनाव पैदा हो सकता है।
अहमद ने साफ शब्दों में कहा कि प्रशासन को किसी भी धार्मिक आयोजन के संबंध में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बरतनी चाहिए। पूर्व में जो व्यवस्थाएं तय की गई हैं, उनका सम्मान करना बेहद जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर किसी रूट को लेकर प्रशासन को कोई सुरक्षा संबंधी चिंता या आपत्ति है, तो उसका समाधान संबंधित आयोजकों और स्थानीय लोगों के साथ बातचीत के जरिए निकालना चाहिए। किसी भी पक्ष पर मनमाने तरीके से रूट बदलने का दबाव बनाना सही नहीं है।
मनमाना बदलाव गलत, संवाद से निकले समाधान
नेयाज अहमद ने प्रशासन से स्पष्ट मांग की है कि धार्मिक जुलूस अपने पूर्व निर्धारित रूट से ही निकाला जाए। इसके साथ ही, उन्होंने पूरे जुलूस मार्ग में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की। उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों को आगाह किया कि उन्हें ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचना चाहिए, जिससे इलाके में बेवजह का तनाव या विवाद खड़ा हो।
“किसी भी पक्ष पर मनमाने तरीके से रूट बदलने का दबाव बनाना उचित नहीं है। प्रशासन को पूर्व निर्धारित रूट का सम्मान करना चाहिए।”
गंगा-जमुनी तहजीब बनाए रखने की अपील
इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद ने इस बात पर जोर दिया कि दरभंगा की सामाजिक सद्भाव और गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखना प्रशासन और आम नागरिकों, दोनों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी समुदायों के लोगों से भी शांति, संयम और आपसी भाईचारा बनाए रखने की भावुक अपील की। अहमद ने कहा कि ऐसे संवेदनशील समय में सभी को एकजुट होकर सद्भाव का माहौल बनाए रखना चाहिए, ताकि किसी भी तरह की अशांति न फैले।
यह मामला अब स्थानीय प्रशासन के लिए एक चुनौती बन गया है कि वह कैसे इन मांगों को संतुलित करता है और इलाके में शांति व व्यवस्था बनाए रखता है। आने वाले दिनों में प्रशासन के कदम पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।







