Vikramshila Setu: भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। एक अक्टूबर से बेली ब्रिज हटाने का काम शुरू हो जाएगा, जिसके साथ ही विक्रमशिला सेतु को भी वाहनों और लोगों की आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इस बड़े कदम से भागलपुर और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा। निर्माण कार्य के लिए आवश्यक सामग्री पंजाब और हरियाणा से भागलपुर पहुंच चुकी है, जबकि शेष खेप भी जल्द ही उपलब्ध हो जाएगी।
जिला प्रशासन और निर्माण एजेंसियों ने बेली ब्रिज हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि परिस्थितियां अनुकूल होते ही निर्धारित समय पर निर्माण कार्य शुरू किया जा सके। प्रशासन का मुख्य जोर त्योहारों से पहले वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था को सुचारु बनाने पर है, ताकि आम जनता और माल परिवहन को कम से कम परेशानी हो।

1 अक्टूबर से बंद होगा सेतु, शुरू होंगी वैकल्पिक व्यवस्थाएं
विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद नदी के रास्ते आवागमन के लिए यात्री और मालवाहक जहाजों की व्यवस्था की जा रही है। अब तक सात यात्री जहाजों के संचालन के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि मालवाहक जहाजों के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। जिला प्रशासन 20 सितंबर के बाद एक महत्वपूर्ण बैठक करेगा, जिसमें सेतु बंद करने की अंतिम स्थिति और वैकल्पिक परिवहन व्यवस्थाओं पर स्पष्ट निर्णय लिया जाएगा।
यात्री और मालवाहक जहाजों के सुरक्षित संचालन के लिए व्यापक इंतजाम किए जाएंगे। इसमें गोताखोरों की तैनाती, लाइफ जैकेट की उपलब्धता और सुरक्षा बलों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी। त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नदी पार आवागमन को सुरक्षित बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
टोल कलेक्शन पर भारी असर, एजेंसी को नुकसान
विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने और उसके बाद बंद किए जाने का सीधा असर एनएचएआई के टोल कलेक्शन पर भी पड़ा है। 3 मई से सेतु बंद होने के बाद बायपास टोल प्लाजा का कलेक्शन पहले की तुलना में 79.2 प्रतिशत घट गया। बाढ़ आने के बाद इसमें 38.46 प्रतिशत की अतिरिक्त गिरावट दर्ज की गई।
एनएचएआई के पीडी के अनुसार, ‘विक्रमशिला सेतु बंद होने और बाढ़, दोनों का टोल कलेक्शन पर सीधा असर पड़ा है।’
इस स्थिति को देखते हुए, एनएचएआई ने टोल एजेंसी से ली जाने वाली दैनिक राशि को 6.25 लाख रुपये से घटाकर 1.30 लाख रुपये कर दिया है। इसके बावजूद, मुंबई की एसएस मल्टीसर्विस एजेंसी को प्रतिदिन करीब 80 हजार रुपये तक का ही टोल मिल पा रहा है। एजेंसी ने मई में भारी नुकसान का हवाला देते हुए ठेका सरेंडर करने का प्रस्ताव भी दिया था। एसएस मल्टीसर्विस एजेंसी नवंबर तक टोल वसूली का काम जारी रखेगी।
ओवरलोड वाहनों पर होगी सख्त निगरानी
बाबूपुर और हाई लेवल घाट पर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। मालवाहक जहाज संचालकों को प्रत्येक ट्रक का लोडिंग बिल जांचने का निर्देश दिया गया है। यदि कोई वाहन ओवरलोड पाया जाता है, तो उसे गंगा पार नहीं कराया जाएगा। विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन के लिए बेली ब्रिज हटाना एक महत्वपूर्ण चरण है। सेतु बंद होने के बाद निर्माण कार्य को गति मिलेगी, लेकिन इस दौरान वैकल्पिक जल परिवहन व्यवस्था और यातायात प्रबंधन प्रशासन व संबंधित एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।








