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Madhubani Child Labour मधुबनी में बड़ा फैसला: इन 63 पंचायतों से खत्म होगी बाल मजदूरी, बच्चों का भविष्य होगा सुरक्षित!

Madhubani Child Labour: डीएम आनंद शर्मा की पहल पर जिले में 90 दिनों का विशेष अभियान शुरू हुआ है। इसका लक्ष्य बच्चों को काम से निकालकर शिक्षा और सम्मानजनक भविष्य से जोड़ना है।

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Madhubani Child Labour: बिहार के मधुबनी जिले में बाल श्रम के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू हो गया है। बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर यह विशेष पहल की गई है। प्रथम चरण में जिले की कुल 63 पंचायतों को बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया गया है।

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इस अभियान के तहत 21 प्रखंडों से प्रत्येक में तीन-तीन पंचायतों का चयन किया गया है। अगले 90 दिनों तक इन सभी चयनित पंचायतों में सुनियोजित तरीके से कार्य किया जाएगा, जिसके बाद इन्हें बाल श्रम मुक्त घोषित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को इस अभियान को प्रभावी और समयबद्ध तरीके से चलाने के सख्त निर्देश दिए हैं।

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63 पंचायतों में चलेगा विशेष अभियान

इस महत्वपूर्ण अभियान के दौरान चिन्हित पंचायतों में सभी प्रतिष्ठानों, दुकानों, कार्यस्थलों और घरेलू कामों में लगे बाल एवं किशोर श्रमिकों की पहचान की जाएगी। इसके बाद उन्हें काम से मुक्त कराकर उनका पुनर्वास किया जाएगा और शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। श्रम प्रवर्तन अधिकारियों को उनके क्षेत्र की चयनित पंचायतों में नियमित रूप से अभियान चलाकर बाल एवं किशोर श्रमिकों को मुक्त कराने और नियोजकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रम अधीक्षक को इस अभियान की लगातार निगरानी करने का जिम्मा सौंपा गया है।

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शिक्षा और पुनर्वास पर जोर

जिला शिक्षा पदाधिकारी को मुक्त कराए गए बाल एवं किशोर श्रमिकों का नजदीकी विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, उन्हें नियमित निगरानी कर श्रम अधीक्षक के माध्यम से रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है, ताकि बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जा सके। जिला बाल संरक्षण इकाई को भी निर्देश है कि वे श्रम विभाग से हर सप्ताह मुक्त हुए बच्चों की सूची प्राप्त करें और उनके पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठाएं। बच्चों के अधिकारों, शिक्षा और सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा, “बाल श्रम बच्चों के अधिकार, शिक्षा और उनके समग्र विकास में बाधक है। इसलिए अभियान का उद्देश्य केवल बाल श्रमिकों को कार्यस्थलों से विमुक्त कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा से जोड़ते हुए उनके सुरक्षित एवं सम्मानजनक भविष्य के लिए आवश्यक संरक्षण एवं पुनर्वास सुनिश्चित करना है।”

इन 21 प्रखंडों की 63 पंचायतें होंगी बाल श्रम मुक्त

अभियान के पहले चरण में मधुबनी जिले के सभी 21 प्रखंडों से तीन-तीन पंचायतों का चयन किया गया है। इन पंचायतों में बाल श्रम के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे।

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प्रखंड का नामचयनित पंचायतें
रहिकालक्ष्मीपुर, हुसैनपुर, सौराठ
खजौलीरसीदपुर, सुखकी, चतरा उत्तरी
लदनियांपिपराही, महथा, बेलाही
राजनगरभटसीमर पूर्वी, भटसीमर पश्चिमी, सुगौना दक्षिणी
घोघरडीहानौआबाखर, सुदै रतोली, चिकना
मधेपुरसुन्दरपुर विराजित, बाथ, रहुआ संग्राम
झंझारपुरसिमरा, चनौरागंज, कौड़िया
लखनौरकैथिनिया, गंगापुर, लखनौर पश्चिमी
अंधराठाढ़ीगनौली, शिवा, डुमरा
फुलपरासकालापट्टी, रामनगर, रिसवार
हरलाखीकरुणा, विसौल, कलना
मधवापुरविशनपुर, पहिपारा, तरैया
बाबूबरहीकुलहरिया, धनचौड़, महिषवाड़ा
पंडौलमकरमपुर, सागरपुर, पंडौल पूर्वी
बासोपट्टीहथियापुर परसा, सिरियापुर, डामु
कलुआहीकरमौली, मलमल उत्तरी, कालिकापुर
बिस्फीजफरा, तीसी नरसाम दक्षिण, परसौनी उत्तर
खुटौनाविरपुर, बारूदेवपुर, दुर्गीपट्टी
लौकहीलदनियां, नरेंद्रपुर, धरहरा
जयनगरबेलही पूर्वी, बेलही दक्षिणी, बेलही पश्चिमी
बेनीपट्टीपरसौना, समदा, परौल
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यह सूची मधुबनी जिले के उन क्षेत्रों को दर्शाती है जहाँ बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए विशेष सरकारी प्रयास किए जाएंगे।

जन-जागरूकता और समन्वय

इस अभियान की सफलता के लिए व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियां भी चलाई जाएंगी। प्रभात फेरी, साइकिल रैली, नुक्कड़ नाटक जैसे आयोजनों के माध्यम से लोगों को बाल एवं किशोर श्रम के दुष्परिणामों के बारे में बताया जाएगा। चयनित पंचायतों में बाल श्रम निषेध से संबंधित बैनर, दीवार लेखन और स्थानीय भाषा में जागरूकता संदेशों का प्रचार-प्रसार भी सुनिश्चित किया जाएगा। सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ 90 दिनों की समय-सीमा में इस अभियान को प्रभावी ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

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