Bihar Flood Relief: सितंबर की शुरुआत से ही बिहार के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। राज्य के 15 जिलों में 50 लाख से अधिक लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। ऐसे मुश्किल समय में विभिन्न राज्यों से सामाजिक संगठन और स्वयंसेवी समूह राहत सामग्री लेकर बिहार पहुंच रहे हैं। इसी कड़ी में हरियाणा से ‘हर मैदान फतेह सोसाइटी’ के अध्यक्ष सहज दुग्गल भी अपनी टीम के साथ बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच फल बांटने पहुंचे थे, लेकिन राहत वितरण के दौरान उन्हें एक कड़वा अनुभव हुआ।
राहत सामग्री बांटने पहुंचे सहज दुग्गल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ लोग राहत सामग्री के तौर पर लाए गए फलों के डिब्बों पर चढ़कर फल उठाते और वहां से जाते नजर आ रहे हैं। इस अफरातफरी के दौरान हरियाणा से आए दुग्गल उन्हें बार-बार समझाने की कोशिश करते दिखे। उन्होंने लोगों से कहा कि यह सामान वह इतनी दूर से उनकी मदद के लिए लेकर आए हैं, फिर इस तरह की भगदड़ क्यों मचाई जा रही है।
बेटियों के साथ धक्का-मुक्की से टूट गए सहज दुग्गल
सहज दुग्गल अपनी दो बेटियों के साथ बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री लेकर पहुंचे थे। उनका दावा है कि फल वितरण के दौरान भीड़ के अचानक टूट पड़ने से स्थिति बेकाबू हो गई। इस दौरान उनकी बेटियों के साथ भी धक्का-मुक्की हुई, जिससे वे काफी निराश हुए। उन्होंने कहा,
‘मेरी बेटियां भी मेरे साथ थीं। जो सामान हमने उनके लिए खरीदा था, उसे लेने की कोशिश में लोगों ने उन्हें बहुत धक्का दिया। इससे मैं बहुत निराश हूं।’
दुग्गल ने बताया कि जिन लोगों की मदद के लिए वह सामान लेकर पहुंचे थे, उन्हीं लोगों ने सामान लेने की कोशिश में उनकी बेटियों को भी धक्का दिया। इस घटना से वे बेहद आहत नजर आए। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वह इतनी दूर से सिर्फ जरूरतमंदों की मदद के लिए बिहार आए हैं। उन्होंने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में भी अपना दर्द बयां किया है।
‘मैं इतनी दूर से सिर्फ आपके लिए आया हूं। आप मेरे साथ ऐसा क्यों कर रहे हैं?’
वायरल वीडियो पर सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
सहज दुग्गल के वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कुछ यूजर्स ने कहा कि राहत सामग्री बांटने के दौरान इस तरह की अफरातफरी से जरूरतमंद लोगों की मदद करने के लिए पहुंचने वाले स्वयंसेवकों का मनोबल प्रभावित हो सकता है। वहीं, कुछ लोगों ने भीड़ के व्यवहार पर सवाल उठाए। कुछ यूजर्स का कहना था कि राहत सामग्री वितरण के दौरान कतार और उचित व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि सभी जरूरतमंदों तक सामान पहुंच सके। हालांकि, घटना को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
वीडियो में सहज दुग्गल बिखरे हुए फलों के डिब्बों और लोगों की भीड़ के बीच खड़े दिखाई दे रहे हैं। वह लोगों से बार-बार पूछते नजर आते हैं कि फल लेने के दौरान इस तरह की अफरातफरी क्यों मचाई गई। उन्होंने भीड़ से सवाल किया, ‘आप सब डिब्बे क्यों खराब कर रहे हैं? क्या आप अपनी हरकतों से खुश हैं?’
यह घटना बिहार में बाढ़ Bihar Flood Relief कार्यों में जुटे स्वयंसेवकों के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर करती है, जहां मानवीयता के बावजूद अव्यवस्था से काम प्रभावित होता है।








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