Darbhanga Court: दरभंगा में आपराधिक मामलों पर अदालतों ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा की अदालत सहित अन्य न्यायाधीशों ने हत्या, दुष्कर्म और जानलेवा हमले जैसे गंभीर आरोपों में फंसे कई अभियुक्तों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। इन फैसलों से यह स्पष्ट हो गया है कि जघन्य अपराधों में शामिल आरोपियों को अब आसानी से राहत नहीं मिलेगी। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि इन सभी अभियुक्तों को अब जमानत के लिए पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।
गंभीर हत्या के मामलों में जमानत खारिज
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा की अदालत ने प्राणलेवा हमला के एक मामले में तीन आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। यह मामला भालपट्टी थानाकांड संख्या 75/26 से संबंधित है। इसमें शाहिना प्रवीण, अली इमाम खान और जुम्मन खान आरोपी थे। पीपी अमरेंद्र नारायण झा ने अदालत को बताया कि इन सभी आरोपियों ने नैनाघाट निवासी अली अहमद खान के सिर पर तलवार से वार कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। इलाज के दौरान अली अहमद खान की दर्दनाक मौत हो गई थी।
इसी तरह, तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश भूपेन्द्र सिंह की अदालत ने पत्नी की हत्या के आरोप में लहेरियासराय थाना प्राथमिकी संख्या 377/26 के आरोपी शंभू ठाकुर की अग्रिम जमानत अर्जी भी खारिज कर दी। शंभू ठाकुर मधुबनी जिले का निवासी है। एक अन्य मामले में, सप्तम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश उपेंद्र कुमार ने सकतपुर थानाकांड संख्या 96/25 के आरोपी नीरज कुमार की अग्रिम जमानत याचिका ठुकरा दी। नीरज कुमार समस्तीपुर जिले के दहियार गांव का रहने वाला है और उस पर गोली मारकर हत्या का आरोप है।
दुष्कर्म और जानलेवा हमले के आरोपियों को नहीं मिली राहत
प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार की अदालत ने मोरो थाना के एक दुष्कर्म मामले में काराधीन आरोपी रुपेश कुमार राय की जमानत खारिज कर दी। रुपेश कुमार राय पर शौच के लिए निकली एक महिला के साथ जबरन दुष्कर्म करने और उसका वीडियो बनाने का गंभीर आरोप है।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा की अदालत ने चांडी शोभन रोड स्थित ‘चाय की नगरी’ दुकान पर पिस्तौल और गोली के साथ गिरफ्तार हुए ओझौल निवासी रितेश सिंह की नियमित जमानत भी नामंजूर कर दी। रितेश सिंह बहादुरपुर थाना प्राथमिकी संख्या 245/26 के तहत 12 अगस्त 26 से काराधीन है। इसके अतिरिक्त, इसी अदालत ने कुदाल से जानलेवा हमला करने के आरोप में दर्ज बहादुरपुर थाना प्राथमिकी संख्या 283/26 के आरोपी भैरोपट्टी निवासी मो. शाहरुख की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
बिशनपुर थानाकांड संख्या 128/26 के तहत दर्ज एक अन्य जानलेवा हमले के मामले में भी अदालत ने सख्त रवैया अपनाया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा की अदालत ने इस मामले में आरोपी ललिता देवी, राकेश महतो, परीक्षण महतो, दिलीप महतो और सोनू महतो की अग्रिम जमानत अर्जियां भी खारिज कर दीं।
लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया, ‘अब जमानत पाने के लिए उपरोक्त अभियुक्तों को पटना हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल करनी पड़ेगी।’
दरभंगा की विभिन्न अदालतों के इन कड़े फैसलों से यह संदेश साफ है कि आपराधिक गतिविधियों में लिप्त लोगों को न्यायपालिका से कोई नरमी नहीं मिलेगी। सभी आरोपियों के पास अब पटना हाईकोर्ट में अपनी किस्मत आजमाने का ही एकमात्र विकल्प बचा है।







