Bihar LPG: बिहार में 1 अक्टूबर से घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य के करीब 15% उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक अपना ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा नहीं किया है। पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा 1 अक्टूबर से बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य किए जाने के बाद, इन उपभोक्ताओं को सब्सिडी वाले सिलेंडर मिलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बिहार के सभी 38 जिलों में तीन प्रमुख पेट्रोलियम कंपनियों के 2.36 करोड़ से अधिक घरेलू एलपीजी उपभोक्ता हैं। इनमें से लगभग 55 लाख उपभोक्ताओं ने अभी तक ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है। जैसे-जैसे 1 अक्टूबर की समय सीमा करीब आ रही है, बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को यह प्रमाणीकरण प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करनी होगी।
बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण क्यों हुआ अनिवार्य?
पेट्रोलियम कंपनियों का उद्देश्य सब्सिडी का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचाना है। इसी कड़ी में घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए 1 अक्टूबर से बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है। यह कदम फर्जी कनेक्शनों को रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। जिन उपभोक्ताओं का प्रमाणीकरण अभी बाकी है, उनके लिए यह प्रक्रिया जल्द पूरी करना बेहद महत्वपूर्ण है, ताकि सिलेंडर से जुड़ी सुविधाओं में कोई बाधा न आए।
सब्सिडी पर मंडराया संकट, क्या बढ़ेगी कीमत?
जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण नहीं कराया है, उन्हें सब्सिडी वाले सिलेंडर की सुविधा मिलने में दिक्कत होने की आशंका है। हालांकि, पेट्रोलियम कंपनियों ने अब तक सिलेंडर की कीमत बढ़ाने को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है।
पेट्रोलियम कंपनियों ने ऐसे उपभोक्ताओं के लिए सिलिंडर की कीमत बढ़ाने को लेकर अब तक कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है।
मई से चल रहा है जागरूकता अभियान
पेट्रोलियम कंपनियों ने उपभोक्ताओं को बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण कराने के लिए मई महीने से ही जागरूक करना शुरू कर दिया था। इसके बावजूद लाखों उपभोक्ताओं ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है। कंपनियों की ओर से लगातार उपभोक्ताओं से समय रहते ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पूरा करने का आग्रह किया जा रहा है ताकि उन्हें भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सभी पात्र उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द अपने संबंधित वितरक से संपर्क कर यह प्रक्रिया पूरी करा लें। ऐसा न करने पर 1 अक्टूबर के बाद उन्हें सब्सिडी का लाभ मिलना बंद हो सकता है, जिससे उनकी जेब पर सीधा असर पड़ेगा।







