Bhola Paswan Shastri: बिहार की राजधानी पटना स्थित सदाकत आश्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें नेताओं ने दलित अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में केंद्र सरकार की नीतियों पर भी जमकर निशाना साधा गया।
दलितों को शिक्षा और संपत्ति से वंचित रखने का आरोप
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि समाज के वंचित वर्ग को लंबे समय तक ज्ञान और संपत्ति से दूर रखा गया है।
गौतम ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा के अभाव के कारण व्यक्ति अपने बुनियादी अधिकारों से भी अनभिज्ञ रह जाता है। उन्होंने आह्वान किया कि भोला पासवान शास्त्री के सपनों को साकार करने के लिए आज भी समान अवसर की लड़ाई लड़नी होगी।
निजीकरण और आर्थिक तंगी पर केंद्र सरकार को घेरा
राजेंद्र पाल गौतम ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों का तेजी से निजीकरण कर रही है। गौतम का दावा था कि देश के संसाधनों को निजी हाथों में सौंपने से आम जनता के हितों को सीधा नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने आर्थिक तंगी के कारण बच्चों के शिक्षा से दूर होने पर भी गहरी चिंता व्यक्त की।
रबींद्र कुमार पासवान ने मांग की कि पूर्व सीएम भोला पासवान शास्त्री को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया जाए।
अनुसूचित जाति विभाग के नेता रबींद्र कुमार पासवान ने पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री के ऐतिहासिक कार्यों को याद किया। उन्होंने बताया कि शास्त्री के कार्यकाल में ही वृद्धावस्था पेंशन योजना और आदिवासी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना जैसी महत्वपूर्ण पहलें शुरू हुई थीं। रबींद्र पासवान ने मांग की कि पूर्व सीएम को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने शास्त्री के नाम पर एक संग्रहालय बनाने और पटना के किसी प्रमुख चौराहे पर उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की भी मांग रखी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि भोला पासवान शास्त्री ने अपना पूरा जीवन दलित और वंचित समाज के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने हमेशा आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व देने की मांग को मजबूती से उठाया। पूर्व विधायक प्रतिमा दास ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दलितों के लिए बनाए गए कानूनों का हवाला देते हुए मौजूदा सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की। बिहार विधान परिषद के सदस्य डॉ. मदन मोहन झा ने पूर्व मुख्यमंत्री को सादगी पसंद और महान व्यक्तित्व वाला नेता बताया। उन्होंने कहा कि उनके विचारों को समाज में प्रसारित करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस जयंती समारोह में शशि पंडित, एसपी लवाना और प्रद्युम्न पासवान सहित कई अन्य नेता और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस कार्यक्रम के माध्यम से कांग्रेस ने न केवल पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री के योगदान को याद किया, बल्कि दलितों के अधिकारों और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए भविष्य में इन मुद्दों पर संघर्ष तेज करने का संकेत दिया है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ‘भारत रत्न’ और अन्य मांगों पर सरकार की क्या प्रतिक्रिया रहती है।








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