Bihar Cabinet: बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बिहार मंत्रिमंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। दिनांक 23 सितंबर 2026 को आयोजित हुई इस बैठक में कुल 24 अहम प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। इन फैसलों का सीधा असर शिक्षा, गृह, कृषि और बुनियादी ढांचे सहित विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ेगा, जिससे राज्य में विकास की गति तेज होने की उम्मीद है।
राज्य में उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए सरकार ने दो नए विश्वविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी दी है। बेगूसराय जिले में ‘रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय’ स्थापित किया जाएगा, जबकि राजधानी पटना में ‘माता सीता विश्वविद्यालय’ खोलने का निर्णय लिया गया है। दोनों विश्वविद्यालयों की स्थापना और प्रारंभिक वेतन मद में सरकार ने 15-15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। गौरतलब है कि उच्च शिक्षा विभाग के मूल प्रस्ताव में पटना में प्रस्तावित विश्वविद्यालय का नाम ‘माँ सीता’ था, जिसे कैबिनेट ने संशोधित कर ‘माता सीता’ कर दिया है।
पुलिस बल होगा आधुनिक, ड्रोन से होगी निगरानी
बिहार पुलिस बल को अधिक आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए कैबिनेट ने बड़ी धनराशि मंजूर की है। गृह विभाग भीड़ नियंत्रण, नक्सल विरोधी अभियानों और आपदा प्रबंधन जैसी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए 24.50 करोड़ रुपये की लागत से 50 नए अत्याधुनिक ड्रोन खरीदेगा। इसके अतिरिक्त, विभिन्न जिला पुलिस इकाइयों और नशामुक्ति ब्यूरो को मजबूत करने के लिए 33.68 करोड़ रुपये के उपकरण खरीदने की भी स्वीकृति दी गई है।
किसानों और पशुपालकों के लिए नई योजनाएं
राज्य के किसानों और पशुपालकों के आर्थिक उत्थान के लिए सरकार ‘मुख्यमंत्री गौधन विकास ऋण योजना’ शुरू करने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए आगामी तीन वित्तीय वर्षों (2026-27 से 2028-29) के लिए लगभग 160 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। वहीं, कोसी क्षेत्र के सुपौल, मधेपुरा और सहरसा जिलों में डेयरी और आइसक्रीम प्लांट की स्थापना के लिए 126.07 करोड़ रुपये की एक विस्तृत योजना को भी हरी झंडी मिली है। इसके अलावा, सीवान जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 195.28 करोड़ रुपये की एक बड़ी परियोजना को भी मंजूरी दी गई है, जिससे इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
कैदियों को मिलेगी रिहाई और पटना में नया सब-वे
आगामी 2 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर राज्य की जेलों में बंद कई कैदियों को रिहा किया जाएगा। सरकार ने दोषसिद्ध बंदियों को परिहार का लाभ देते हुए यह फैसला लिया है, जो एकमुश्त उपाय के तहत किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेशों का पालन करते हुए बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम-743 में भी संशोधन किया गया है। राजधानी पटना के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला भी इस बैठक में हुआ है। पटना स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत जीपीओ गोलंबर के पास बने नए भूमिगत रास्ते (सब-वे) का नामकरण कर दिया गया है। मल्टी-मॉडल हब को पटना जंक्शन से जोड़ने वाले इस सब-वे को अब ‘आचार्य किशोर कुणाल सब-वे’ के नाम से जाना जाएगा।
प्रशासनिक स्तर पर जल संसाधन विभाग के अंतर्गत ‘बिहार जल संसाधन विकास निगम लिमिटेड’ नाम से एक नई कंपनी के गठन को भी स्वीकृति दी गई है। स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल और सुलभ बनाने की दिशा में राज्य के 12 चिकित्सीय संस्थानों में ‘e-Sushrut NX’ एप्लीकेशन लागू किया जाएगा, जिस पर शुरुआती चरण में 29.79 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। एक अन्य संवेदनशील फैसले में, राज्य सरकार ने युद्ध के दौरान शहीद हुए सूबेदार संतोष कुमार की पत्नी कनक कुमारी को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी देने का निर्णय लिया है। ये सभी निर्णय राज्य के विकास और नागरिक कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। देखें पूरी लिस्ट








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