Bhagalpur Durga Puja: बिहार के भागलपुर में इस बार दुर्गा पूजा का आयोजन सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश कर रहा है। यहां मुस्लिम समुदाय के कारीगर मां दुर्गा का भव्य पंडाल तैयार कर रहे हैं, जो भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित है। यह पहल बरारी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित वैष्णवी दरबार दुर्गा पूजा समिति ने की है, जिससे पूरे क्षेत्र में भाईचारे का मजबूत संदेश गूंज रहा है।
पश्चिम बंगाल के मालदा से पांच मुस्लिम कारीगरों की एक विशेष टीम भागलपुर पहुंची है। ये कारीगर दिन-रात मेहनत कर लगभग 70 फीट ऊंचा पंडाल बना रहे हैं। पंडाल की मुख्य थीम भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं हैं, जिसमें उनके बाल्यकाल से लेकर युवावस्था तक की विभिन्न झांकियों को 3-डी कलाकृतियों के जरिए जीवंत किया जा रहा है।
कृष्ण लीला की झांकी, कारीगरी का बेजोड़ संगम
पंडाल के अंदर भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा और ऊपर सुदर्शन चक्र विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे। कारीगरों ने करीब 10 से 15 दिन पहले ही अपना काम शुरू कर दिया था, और उनका लक्ष्य 4 अक्टूबर तक मुख्य निर्माण कार्य पूरा करना है। इस अनूठी पहल से न केवल कला और धर्म का संगम दिख रहा है, बल्कि समाज में एकता का भी संदेश जा रहा है।
कारीगर अफजल ने कहा, ‘त्योहार अलग हो सकते हैं, लेकिन समाज में सभी लोगों को मिल-जुलकर रहना चाहिए। हिंदू और मुस्लिम एक-दूसरे के त्योहारों में साथ रहें, यही भाईचारे की पहचान है।’
दुर्गा पूजा में भाईचारे का मजबूत संदेश
वैष्णवी दरबार दुर्गा पूजा समिति के मेढ़पति गजेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी समिति वर्ष 1988 से लगातार दुर्गा पूजा का आयोजन करती आ रही है। इस साल कृष्ण लीला की थीम रखने का उद्देश्य धार्मिक आकर्षण के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द के संदेश को भी जन-जन तक पहुंचाना है। यह पंडाल सिर्फ एक पूजा स्थल नहीं, बल्कि सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक बन गया है।
भागलपुर में यह दुर्गा पूजा पंडाल आने वाले भक्तों और स्थानीय लोगों के लिए एक अद्भुत अनुभव होगा। यह दर्शाता है कि कैसे आस्था और कला मिलकर समाज में एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत कर सकते हैं। पंडाल का निर्माण कार्य तय समय पर पूरा करने की दिशा में कारीगर तेजी से जुटे हुए हैं।







