Yamuna Expressway bus fire: नोएडा के पास यमुना एक्सप्रेस-वे पर बुधवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। दिल्ली के कश्मीरी गेट से उत्तर प्रदेश के महोबा जा रही एक डबल डेकर बस में अचानक भीषण आग लग गई। एक्सप्रेस-वे पर 33 किलोमीटर के पास हुई इस घटना में एक महिला सहित नौ यात्रियों की जलकर मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए। यह हादसा इतना भयावह था कि बस में सवार लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि बचाव अभियान चलाकर करीब 26 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि, आग की लपटें इतनी तेज थीं और बस में धुआं इतना भर गया था कि सो रहे कई लोग बाहर नहीं निकल पाए और उनकी जलकर मौत हो गई। कुछ यात्री धुएं के कारण बेहोश हो गए थे, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
यात्रियों का सामान जलकर राख, अफरा-तफरी का माहौल
बस में सवार यात्रियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। नोएडा से बस में सवार हुई रिंकी राजपूत, जो अपने घर राठ जा रही थीं, ने बताया कि वह घटना के समय सो रही थीं। किसी यात्री ने उनके केबिन को जोर-जोर से पीटकर जगाया, जिसके बाद वह बस से बाहर निकल पाईं।
रिंकी राजपूत ने बताया, ‘लोगों में इतनी अफरा-तफरी थी कि किसी ने अपना सामान भी नहीं उठाया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे। इस घटना में काफी लोगों का सामान, नकदी, जेवर और मोबाइल फोन आदि भी जल गया है।’
उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां घटना के करीब आधे घंटे बाद मौके पर पहुंचीं। अग्निकांड के बाद पुलिस ने बस के शीशे तोड़कर और गैस कटर से बस के कई हिस्सों को काटा, ताकि अंदर फंसे शवों को बाहर निकाला जा सके।
मृतकों की पहचान जारी, परिजनों को सूचना देने का प्रयास
अपर पुलिस आयुक्त ने जानकारी दी कि कुछ मृतकों की पहचान हो चुकी है, लेकिन अभी भी कई शवों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस सभी मृतकों की शिनाख्त कराकर उनके परिजनों को सूचना देने का प्रयास कर रही है। इस भीषण हादसे के चलते यमुना एक्सप्रेस-वे पर मध्य रात्रि से आज सुबह तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस और प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी रहीं, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। इस घटना ने एक बार फिर लंबी दूरी की यात्राओं में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।







