Darbhanga DMCH डीएमसीएच में 11 घंटे से मरीज बेहाल: एक गाली और 11 घंटे की मुसीबत- क्यों ठप हुई इमरजेंसी? एक मरीज के महिला परिजन ने ड्यूटी पर मौजूद जूनियर डॉक्टरों के साथ गाली-गलौज की। इस घटना से आक्रोशित डॉक्टरों ने तुरंत उपचार कार्य बंद कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि वे लगातार असुरक्षित माहौल में काम कर रहे हैं। बिना ठोस आश्वासन और सुरक्षा व्यवस्था के वे काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं।
: दरभंगा के सबसे बड़े अस्पताल डीएमसीएच की इमरजेंसी सेवाएं पिछले 11 घंटे से पूरी तरह ठप हैं। बुधवार देर रात हुई एक घटना के बाद जूनियर डॉक्टरों ने उपचार कार्य बंद कर दिया है। इस गंभीर स्थिति के कारण अस्पताल में भर्ती और पहुंचने वाले सैकड़ों मरीज बेहाल हैं, और उनकी जान पर बन आई है। डॉक्टरों की हड़ताल के पीछे एक महिला परिजन द्वारा की गई गाली-गलौज बताई जा रही है, जिसके बाद डॉक्टरों ने सुरक्षा की मांग करते हुए काम रोक दिया है।
एक गाली और 11 घंटे की मुसीबत: क्यों ठप हुई इमरजेंसी?
बुधवार देर रात बिहार के दरभंगा डीएमसीएच इमरजेंसी में एक मरीज के महिला परिजन ने ड्यूटी पर मौजूद जूनियर डॉक्टरों के साथ गाली-गलौज की। इस घटना से आक्रोशित डॉक्टरों ने तुरंत उपचार कार्य बंद कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि वे लगातार असुरक्षित माहौल में काम कर रहे हैं और उन्हें अक्सर मरीजों के परिजनों के दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है। उन्होंने तत्काल पुख्ता सुरक्षा इंतजाम की मांग की है। बिना ठोस आश्वासन और सुरक्षा व्यवस्था के वे काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं।
गंभीर मरीजों का हाल बेहाल, कब मिलेगी राहत?
लगातार 11 घंटे से इमरजेंसी सेवा बंद होने से पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल है। दूर-दराज से आए गंभीर मरीज, जिन्हें तत्काल उपचार की आवश्यकता है, उन्हें कोई सहायता नहीं मिल पा रही है। कई मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है, लेकिन गंभीर हालत में उन्हें ले जाना भी मुश्किल हो रहा है। प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन अभी तक डॉक्टरों को समझाने और स्थिति सामान्य करने में विफल रहा है। मरीजों के परिजन भी लाचार होकर अपने मरीजों को बेहाल देख रहे हैं। इस संकट से कब निजात मिलेगी, यह स्पष्ट नहीं है।
फिलहाल, डीएमसीएच इमरजेंसी में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। डॉक्टरों की सुरक्षा मांग और मरीजों की बिगड़ती हालत के बीच प्रशासन के सामने इस गतिरोध को खत्म करने की बड़ी चुनौती है। जल्द ही कोई समाधान न निकलने पर यह संकट और गहरा सकता है।







