Darbhanga Crime News: बिहार के दरभंगा में एक चौंकाने वाले मामले में सिविल कोर्ट ने पति की हत्या के आरोप में पत्नी को दोषी करार दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश भूपेंद्र सिंह की अदालत ने अनुप्रिया चौधरी को अपने पति अरविंद कुमार महतो की हत्या का दोषी पाया है। इस फैसले के बाद अब 29 सितंबर को सजा की अवधि तय की जाएगी।
हॉर्लिक्स में सल्फास मिलाकर पति को मारा! बोरे में बंद कर लाश फेंकी -दरभंगा की इस पत्नी का खौफनाक सच आया सामने, कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला
Darbhanga News: दरभंगा में एक पति की हत्या के मामले में सिविल कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश भूपेंद्र सिंह की अदालत ने पत्नी अनुप्रिया चौधरी को दोषी करार दिया है। इस सनसनीखेज मामले में अनुप्रिया पर अपने पति अरविंद कुमार महतो को हॉर्लिक्स में सल्फास मिलाकर पिलाने का आरोप था, जिससे उनकी मौत हो गई। अदालत के इस फैसले से न्याय की उम्मीद जगी है।
बोरे में बंद कर लाश फेंकी, CCTV फुटेज से खुला राज
लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने जानकारी दी कि लहेरियासराय थाना प्राथमिकी संख्या 466/22 से बने सत्र बाद संख्या 60/23 में पतिहंता पत्नी के खिलाफ सुनवाई चल रही थी। अभियोजन की ओर से एपीपी चमक लाल पंडित ने अपना पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने बताया कि 15-16 सितंबर 2022 को अनुप्रिया ने अपने पति अरविंद कुमार महतो को हॉर्लिक्स में सल्फास मिलाकर दिया था। इसके बाद पति की मृत्यु होने पर उसने शव को बोरे में बंद कर बाकरगंज सड़क पर फेंक दिया।
मृतक की बहन हल्का भारती ने इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में रेज हॉस्पिटल के सीसीटीवी फुटेज से अनुप्रिया को बोरे में शव ले जाते हुए देखा गया। यह फुटेज ही अनुप्रिया के खिलाफ सबसे बड़ा सबूत बना। इसके बाद पुलिस ने अनुप्रिया को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। वह 16 सितंबर 2022 से ही जेल में बंद है।
अपर सत्र न्यायाधीश भूपेंद्र सिंह की अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 328 (जहर देकर चोट पहुंचाना) और 201 (सबूत मिटाना) के तहत गुरुवार को अनुप्रिया चौधरी को दोषी ठहराया है।
29 सितंबर को तय होगी सजा
इस गंभीर मामले में अदालत ने अनुप्रिया चौधरी को दोषी तो करार दे दिया है, लेकिन सजा के बिंदु पर सुनवाई अभी बाकी है। न्यायाधीश ने सजा अवधि निर्धारण के लिए 29 सितंबर की तारीख तय की है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अदालत अनुप्रिया चौधरी को कितनी सजा सुनाती है।
हॉर्लिक्स में सल्फास मिलाकर की थी हत्या
यह घटना 15 और 16 सितंबर 2022 की दरमियानी रात की है, जब अनुप्रिया चौधरी ने अपने पति अरविंद कुमार महतो को हॉर्लिक्स में सल्फास मिलाकर पिला दिया था। जहरीला पदार्थ पीने के बाद अरविंद कुमार महतो की मृत्यु हो गई। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के बाद अनुप्रिया ने शव को एक बोरे में बंद कर बाकरगंज सड़क पर फेंक दिया था, ताकि उसकी पहचान न हो सके।
सीसीटीवी फुटेज बना अहम सबूत
मृतक अरविंद कुमार महतो की बहन हल्का भारती ने इस मामले में लहेरियासराय थाना में प्राथमिकी संख्या 466/22 दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में रेज हॉस्पिटल के सीसीटीवी फुटेज से एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। फुटेज में अनुप्रिया को बोरे में शव ले जाते हुए साफ देखा गया, जिसने उसके अपराध को उजागर कर दिया।
लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि सत्र वाद संख्या 60/23 में पतिहंता पत्नी के विरुद्ध विचारण किया गया। अभियोजन की ओर से एपीपी चमक लाल पंडित ने सशक्त रूप से पक्ष रखा, जिससे अनुप्रिया चौधरी को दोषी सिद्ध किया जा सका।
इन धाराओं के तहत दोषी करार
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अनुप्रिया को तुरंत गिरफ्तार कर लिया था। वह 16 सितंबर 2022 से ही कारागार में है। एडीजे भूपेंद्र सिंह की अदालत ने गुरुवार को अनुप्रिया चौधरी को भारतीय दंड संहिता (भादवि) की धारा 302 (हत्या), धारा 328 (जहर आदि द्वारा चोट पहुंचाना) और धारा 201 (अपराध के सबूत मिटाना) के तहत दोषी ठहराया है। अब इस मामले में अंतिम सुनवाई और सजा के निर्धारण के लिए 29 सितंबर की तारीख मुकर्रर की गई है।
इस फैसले ने समाज में एक कड़ा संदेश दिया है कि अपराध करने वालों को कानून के शिकंजे से बचना मुश्किल है। अब सभी की निगाहें 29 सितंबर पर टिकी हैं, जब अदालत इस क्रूरतापूर्ण कृत्य के लिए सजा का ऐलान करेगी।







