Bihar Police: बिहार में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए बिहार पुलिस मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक संपन्न हुई। इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार और पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा ने संयुक्त रूप से की। बैठक में राज्य के 40 पुलिस जिलों से आए 36 वरीय पुलिस पदाधिकारियों ने अपने क्षेत्र भ्रमण के अनुभवों और अवलोकनों पर प्रस्तुतीकरण दिया। इस दौरान अधिकारियों को अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी गई, साथ ही नियमों के उल्लंघन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी जारी की गई।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई, नाइट स्टे अनिवार्य
प्रधान सचिव, गृह विभाग पंकज कुमार ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), अंचल पुलिस निरीक्षक और थाना अध्यक्ष (एसएचओ) को उनके दायित्वों के निर्वहन में पूरी सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के कार्यों में लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि जिन जिलों से वरीय पदाधिकारियों को जोड़ा गया है, वे संबंधित जिलों में रात्रि प्रवास (नाइट स्टे) सुनिश्चित करें। उन्हें पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था की स्थिति की नियमित समीक्षा करने के लिए कहा गया।
प्रधान सचिव, गृह विभाग पंकज कुमार ने कहा, ‘दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी/कर्मी के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।’
इस बैठक में अपराध की दृष्टि से संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थलों (क्राइम स्पॉट) की पहचान की गई। इन क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
जनसंवाद और विशेष अपराधों पर फोकस
बैठक के दौरान किशनगंज पुलिस द्वारा शुरू की गई ‘गुड मॉर्निंग वॉक’ पहल की सराहना की गई। इस पहल के तहत वरीय पुलिस अधिकारी सुबह के समय आम लोगों से संवाद स्थापित करते हैं। इसे जनसंवाद को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास बताया गया और अन्य जिलों को भी स्थानीय स्तर पर ऐसे सकारात्मक कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
नारकोटिक्स और साइबर क्राइम जैसे विशेष अपराधों की रोकथाम को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। भारत-नेपाल सीमावर्ती जिलों में नारकोटिक्स के संगठित कार्टेल से जुड़ी गतिविधियों पर विशेष जानकारी जुटाने और प्रभावी कार्रवाई के लिए संबंधित इकाइयों व जिलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
गश्ती और आपातकालीन सेवाओं में सुधार के निर्देश
पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा ने उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग की गुणवत्ता में लगातार सुधार के लिए प्रभावी, जवाबदेह और समन्वित कार्यप्रणाली अपनानी होगी।
सुपर पेट्रोलिंग’ और थानों में जनसंवाद बैठकें
पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा ने उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने तथा पर्यटन स्थलों एवं सेल्फी पॉइंट्स पर सुरक्षा हेतु बल की तैनाती व ‘सुपर पेट्रोलिंग’ की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।
गश्ती व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के साथ-साथ गश्ती से संबंधित अभिलेखों के समुचित और अद्यतन संधारण का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त, पुलिस-जनता संबंधों में सुधार लाने के उद्देश्य से सभी नोडल अधिकारियों को थानों में नियमित जनसंवाद बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
सीसीटीएनएस, सीसीटीवी, पुलिस कंट्रोल रूम, जिला नियंत्रण कक्ष और वायरलेस सिस्टम को सक्रिय और प्रभावी ढंग से संचालित रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। आपातकालीन पुलिस सेवा और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सभी दोपहिया और चारपहिया पुलिस वाहनों को डायल-112 से जोड़ने की दिशा में आवश्यक प्रयास करने के निर्देश भी जारी किए गए।
न्यायालय द्वारा पारित कुर्की संबंधी आदेशों के अनुपालन की भी समीक्षा की गई। निर्देश दिया गया कि न्यायालय से प्राप्त किसी भी कुर्की आदेश को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पर्यटन स्थलों और सेल्फी पॉइंट पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती और नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने के साथ-साथ सुपर पेट्रोलिंग की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया। सभी नोडल पदाधिकारियों को थानों में जनसंवाद हेतु बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।







