Bihar Weather: मॉनसून अब बिहार से पूरी तरह विदा हो रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने रविवार को राज्य के किसी भी जिले के लिए बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मॉनसून उत्तर भारत के कई हिस्सों से लौट रहा है, जिससे बारिश की गतिविधियां थम गई हैं। हालांकि, इस बदले हुए मौसम के बावजूद बिहार में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है, जिसने लाखों लोगों का जीवन प्रभावित किया है।
बारिश कम होने के साथ ही दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है और तेज धूप परेशान करेगी। सुबह व रात में हल्की ठंडक महसूस होगी, लेकिन हवा में लगातार बनी नमी उमस बढ़ाएगी। यानी, दिन में गर्मी और सुबह-रात में थोड़ी राहत का दौर अभी जारी रहेगा।
बारिश थमी, पर बाढ़ ने बढ़ाई मुश्किलें
एक तरफ जहां बिहार में मौसम साफ हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गंडक नदी के उफान और तटबंध टूटने से राज्य के छह जिलों के करीब 255 गांव पानी में डूब गए हैं। इस भीषण बाढ़ से लगभग 4 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। अब तक 44 हजार से ज्यादा लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर पहुंचने को मजबूर हुए हैं।
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर सारण जिले में देखा गया है। यहां गंडक नदी का तटबंध टूटने के बाद पानी तेजी से रिहाइशी इलाकों में फैल गया है। सारण के 170 से ज्यादा गांव इस समय पानी से घिरे हुए हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
मौसम विभाग ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि मॉनसून की वापसी की रेखा अब सुपौल, रांची, रायपुर, बेमेतरा, परभणी और बारामती से होकर गुजर रही है।
तेजी से लौट रहा मॉनसून, मौसम रहेगा शुष्क
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो दिनों में बिहार में बारिश की गतिविधियों में भारी कमी आई है। मॉनसून के पीछे हटने के साथ ही उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मौसम में भी महत्वपूर्ण बदलाव दर्ज किए जा रहे हैं। बिहार के अधिकांश हिस्सों में आने वाले दिनों में मौसम सामान्य और मुख्य रूप से शुष्क रहने की उम्मीद है।
पिछले 24 घंटे में बारिश के आंकड़े भी मॉनसून की कमजोर होती स्थिति को दर्शाते हैं। इस दौरान सिर्फ पश्चिम चंपारण में 0.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 92 फीसदी कम है। राज्य के बाकी सभी जिलों में बारिश शून्य रही और वहां सामान्य बारिश के मुकाबले 100 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।
पटना का मौसम: अक्टूबर के पहले हफ्ते का अनुमान
राजधानी पटना में अगले कुछ दिनों तक मौसम में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है:
- 4 अक्टूबर: अधिकतम तापमान 34°C और न्यूनतम 25°C रहने का अनुमान है। दिन में आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा, हालांकि दोपहर या शाम में हल्के बादल आ सकते हैं।
- 5 अक्टूबर: अधिकतम तापमान 33°C तक रह सकता है और न्यूनतम तापमान 25°C के आसपास रहेगा।
- 6 अक्टूबर: अधिकतम तापमान 32°C तक पहुंच सकता है। इस दिन हल्की बारिश के आसार हैं।
- 7 अक्टूबर: मौसम लगभग ऐसा ही रह सकता है, जिसमें बादल छाए रहने के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
जैसे-जैसे मॉनसून की विदाई का दौर पूरा होगा, बिहार में बारिश की गतिविधियां लगातार कम होती जाएंगी। हालांकि, गंडक नदी की बाढ़ ने कई जिलों में गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। मौसम साफ होने के बावजूद, प्रभावित इलाकों में जलजमाव और राहत कार्यों की चुनौती अभी भी बनी हुई है, जिसके लिए सरकार और स्थानीय प्रशासन को लगातार प्रयास करने होंगे।
बिहार के बाढ़ पीड़ित किसानों को दुर्गा पूजा से पहले मिलेंगे 245 करोड़, खाते में आएगी सीधी रकम
Bihar Flood Compensation: बिहार में बाढ़ से फसलों को भारी नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने Bihar Flood Compensation के तहत प्रभावित किसानों को दुर्गा पूजा से पहले राहत पहुंचाने की तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए 245 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जो सीधे किसानों के खातों में भेजी जाएगी।
कृषि मंत्री और गोपालगंज के जिला प्रभारी मंत्री विजय सिन्हा ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का आकलन जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि राज्य के 18 जिलों में फसल नुकसान का आकलन पहले ही किया जा चुका है। इन्हीं आकलन रिपोर्टों के आधार पर किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू होगी।
बाढ़ पीड़ितों को मिलेगी आर्थिक मदद
बाढ़ का पानी उतरने के बाद खेतों में स्थिति साफ होने लगी है। कई इलाकों में धान सहित खरीफ फसलों को काफी क्षति पहुंची है। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि फसल क्षति का सही आकलन करके योग्य किसानों तक समय पर सहायता पहुंचाई जाए। कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने गोपालगंज दौरे के दौरान प्रभावित किसानों से मुलाकात की और खेतों में हुए नुकसान की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को उन क्षेत्रों में जल्द सर्वे पूरा करने को कहा है, जहां अभी तक फसल क्षति का आकलन नहीं हो पाया है।
245 करोड़ रुपये का आवंटन
बिहार आपदा प्रबंधन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, 29 सितंबर 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 में क्षतिग्रस्त फसलों के लिए कृषि इनपुट अनुदान मद में 24499.95 लाख रुपये यानी करीब 245 करोड़ रुपये के आवंटन को स्वीकृति दी गई है।
यह पहला मौका नहीं है जब सरकार ने कृषि इनपुट अनुदान के लिए राशि आवंटित की है। चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल, जून और सितंबर 2026 में भी इस मद में अलग-अलग चरणों में आवंटन किया गया था।
किसानों को कितना मिलेगा अनुदान?
बिहार में कृषि इनपुट अनुदान के लिए कुछ निर्धारित प्रावधान हैं। यदि किसी किसान की फसल को 33 प्रतिशत या उससे अधिक का नुकसान हुआ है, तभी वह अनुदान का पात्र माना जाता है। सहायता अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्र तक देय है।
| फसल का प्रकार | अनुदान की दर (प्रति हेक्टेयर) |
|---|---|
| वर्षाश्रित (असिंचित) फसल | 8,500 रुपये |
| सिंचित क्षेत्र की फसल | 17,000 रुपये |
| शाश्वत या बहुवर्षीय फसल | 22,500 रुपये |
ये दरें किसानों को उनके फसल नुकसान के अनुपात में आर्थिक संबल प्रदान करेंगी।
पहले भी मिल चुकी है सहायता
बिहार सरकार ने पिछले वर्ष यानी 2026 में आई बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को भी कृषि इनपुट अनुदान के तहत डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सहायता पहुंचाई थी। फरवरी 2026 में 2.02 लाख से अधिक किसानों के खातों में 113.16 करोड़ रुपये सीधे हस्तांतरित किए गए थे। इसी तरह, मार्च 2026 की प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के लिए जून में भी कृषि इनपुट अनुदान की राशि का हस्तांतरण किया गया था।
सर्वे और सत्यापन के बाद अंतिम भुगतान
बाढ़ से प्रभावित सभी किसानों को सहायता तभी मिल पाएगी, जब उनके क्षेत्र और फसल की क्षति निर्धारित सरकारी मानकों के अनुसार दर्ज होगी। इसलिए, फसल क्षति का सर्वे और सत्यापन फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण चरण है। सरकार की ओर से इस बार भी राहत राशि जल्द उपलब्ध कराने की बात कही गई है, लेकिन किसानों को अंतिम भुगतान सर्वे, सत्यापन और पात्रता प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किया जाएगा।






