Bihar Food Safety: खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर बिहार में अब कड़ी कार्रवाई की जा रही है। राज्य के खाद्य सुरक्षा विभाग ने प्रदेशभर में सघन निरीक्षण और जांच अभियान तेज कर दिया है। इस दौरान खाद्य प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन, लाइसेंस की वैधता, भंडारण व्यवस्था और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता की गहन जांच हो रही है। नियमों का पालन न करने वाले प्रतिष्ठानों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं, साथ ही नियमानुसार उन पर कार्रवाई भी की जा रही है।
नौ जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी, पकड़ी गईं कई अनियमितताएं
विभाग की टीमों ने पटना, मुजफ्फरपुर, सहरसा, पूर्णिया, मुंगेर, लखीसराय, वैशाली, गया और औरंगाबाद सहित नौ जिलों में विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस व्यापक अभियान के दौरान दूध, पनीर, खोवा, मिठाई, घी जैसे कई खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए इकट्ठा किए गए। इस कार्रवाई से मिलावटखोरों और नियमों की अनदेखी करने वालों में हड़कंप मच गया है।
पटना से पूर्णिया तक, कहां क्या मिली गड़बड़ी?
- पूर्णिया: बनमनखी अनुमंडल क्षेत्र में रेस्टोरेंट, होटल, लस्सी कॉर्नर और मिठाई दुकानों की जांच की गई। इस दौरान बिना वैध खाद्य सुरक्षा लाइसेंस के संचालित हो रही दो दुकानों को सील कर दिया गया। अभियान के तहत पनीर, घी, खोवा और मिठाइयों के नमूने भी लिए गए।
- पटना: फुलवारी शरीफ स्थित शिवा छप्पन भोग का निरीक्षण किया गया, जहां साफ-सफाई में गंभीर कमियां मिलीं। कर्मचारियों के पास चिकित्सीय प्रमाणपत्र भी नहीं थे। प्रतिष्ठान संचालक को स्वच्छता व्यवस्था में सुधार करने, कर्मचारियों की नियमित चिकित्सीय जांच कराने और अन्य कमियों को दूर करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए 14 दिनों का समय दिया गया है। शिवा छप्पन भोग से पेड़ा, सादा खोवा, रसगुल्ला, लड्डू और सोन पापड़ी के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं।
- मुजफ्फरपुर: आलोक इंटरप्राइजेज और शुभम इंटरप्राइजेज का निरीक्षण किया गया। दोनों प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन सही नहीं पाया गया। आलोक इंटरप्राइजेज को पहले आए माल को पहले इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया, जबकि शुभम इंटरप्राइजेज को स्वच्छता और अभिलेखों के रखरखाव में सुधार करने को कहा गया।
- सहरसा: सोनवर्षा राज क्षेत्र में मिठाई दुकानों की जांच हुई। बनारसी साह मिष्ठान्न भंडार और अन्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता एवं भंडारण व्यवस्था की पड़ताल की गई। एक प्रतिष्ठान से पनीर का नमूना लिया गया। अनुपम मिष्ठान भंडार में कमियां मिलने पर उसे खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुरूप व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया गया। यहां से पनीर और खोवा के नमूने भी लिए गए।
- मुंगेर: आइटीसी डेयरी में दूध और दुग्ध उत्पादों की जांच की गई। खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए और डेयरी प्रबंधन को निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया।
- गया: मेला क्षेत्र में खाद्य कारोबारियों और दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। उन्हें साफ-सफाई रखने और खाद्य पदार्थों के सुरक्षित रखरखाव के निर्देश दिए गए। इस दौरान तीन खाद्य नमूने भी लिए गए।
- औरंगाबाद: विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर स्वच्छता, शौचालय और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। यहां 1 और 2 अक्टूबर को क्रमशः 14 और 16 खाद्य नमूने संग्रहित किए गए, जिससे कुल 30 नमूने हुए।
- वैशाली: खाद्य प्रतिष्ठानों को खाद्य सुरक्षा लाइसेंस डिजिटल बोर्ड पर प्रदर्शित करने, कर्मचारियों के प्रशिक्षण और चिकित्सीय अभिलेख सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए।
खाद्य सुरक्षा विभाग की सख्त चेतावनी: नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी खाद्य कारोबारियों को वैध लाइसेंस या पंजीकरण के साथ ही कारोबार करना अनिवार्य है। निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर प्रतिष्ठानों को सुधार के निर्देश देने के साथ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग का यह अभियान राज्य में उपभोक्ताओं को सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह अभियान बिहार में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाने में सहायक होगा। विभाग ने सभी कारोबारियों से नियमों का पालन करने की अपील की है, ताकि किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।






