Bihar Rapid Rail: अब बिहार में पटना से मुजफ्फरपुर की दूरी सिर्फ एक घंटे में तय होगी। बहुप्रतीक्षित रैपिड रेल परियोजना पर काम तेज गति से शुरू हो गया है, जिससे राज्य के तीन प्रमुख औद्योगिक केंद्र सीधे जुड़ेंगे और आम लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। बिहार कैबिनेट ने चार आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर के निर्माण को हरी झंडी दिखाई थी, जिसके बाद अब इस महत्वाकांक्षी योजना ने धरातल पर उतरना शुरू कर दिया है।
कैबिनेट ने अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट (AAR) और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) बनाने की भी मंजूरी दी थी, जिसके लिए लगभग 31.59 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। इस महत्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) को सौंपी गई है, जिसकी टीम ने परियोजना पर काम शुरू कर दिया है।
दिल्ली-एनसीआर मॉडल पर NCRTC को जिम्मेदारी
जानकारी के अनुसार, NCRTC की टीम रैपिड रेल से यात्रा करने वाले यात्रियों का अनुमान लगाएगी। इसी अनुमान के आधार पर ट्रेन का रूट भी तय किया जाएगा। इस योजना को दिल्ली-एनसीआर के तर्ज पर ही बिहार में लागू करने की तैयारी है, ताकि आधुनिक और तेज गति वाली परिवहन सेवा राज्य के लोगों को मिल सके।
रफ्तार भरेगी उड़ान, जुड़ेंगे औद्योगिक केंद्र
पटना और मुजफ्फरपुर के बीच रैपिड रेल हाजीपुर के रास्ते चलेगी। इस रूट पर अलग से आरआरटीएस कॉरिडोर का निर्माण होगा। यह परियोजना पूरी होने के बाद राज्य के लोगों को सेमी हाई स्पीड रेल की सुविधा मिलेगी। यह स्पष्ट किया गया है कि रैपिड रेल मेट्रो से अलग होगी। इसकी औसत गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा और अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जिससे पटना से मुजफ्फरपुर की मौजूदा 2 घंटे की यात्रा सिर्फ 1 घंटे में पूरी हो जाएगी।
इस परियोजना की एक और खास बात यह है कि यह पटना, हाजीपुर और मुजफ्फरपुर जैसे तीन प्रमुख औद्योगिक हब को आपस में जोड़ेगी। साथ ही, प्रस्तावित सोनपुर एयरपोर्ट से भी इसकी कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी, जिससे इन क्षेत्रों का आर्थिक विकास और गति पकड़ेगा।
रूट, लागत और कनेक्टिविटी पर गहन अध्ययन
अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट (AAR) के तहत कई महत्वपूर्ण पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। इसमें यह देखा जाएगा कि किस रूट पर यात्रियों का आवागमन सबसे अधिक होता है। संभावित रूट, स्टॉपेज के स्टेशनों और अन्य तकनीकी पहलुओं का गहराई से विश्लेषण किया जाएगा। अध्ययन के दौरान परियोजना की लागत, आवश्यक जमीन और निर्माण तकनीक जैसे कारकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पटना मेट्रो, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य मौजूदा परिवहन सुविधाओं को रैपिड रेल से जोड़ने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा। इन सभी अध्ययनों के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
यह परियोजना न केवल यात्रा के समय को कम करेगी बल्कि बिहार के प्रमुख शहरों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित कर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी।






